US Strikes Iran: ईरान पर अमेरिकी हमले से भड़के असदुद्दीन ओवैसी, ट्रंप और असीम मुनीर पर साधा निशाना

Asaduddin Owaisi
US Strikes Iran: ईरान-इजराइल जंग में आखिरकार अमेरिका की एंट्री हो गई. अमेरिका ने रविवार को तड़के तीन ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले किए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान के परमाणु केंद्र ‘पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए हैं’. साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने जवाबी कार्रवाई की तो उसके खिलाफ और अधिक हमले किए जा सकते हैं. इधर ट्रंप के इस कदम पर दुनियाभर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रंप की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने ईरान पर हमले के बाद पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया है.
US Strikes Iran: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के 3 परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले और इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर कहा, “क्या पाकिस्तान के जनरल (सेना प्रमुख असीम मुनीर) ने इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ लंच किया था? आज वे सभी बेनकाब हो गए हैं. हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि इसके लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिले.”
#WATCH | Hyderabad | "…The US policy is only to cover up the crimes of the Israeli government. What is happening in Gaza is a genocide, and no one is talking about it. Why is there no one asking how many nuclear waterheads Israel has?… The bombing of these three or four… pic.twitter.com/DvQU0iEqUP
— ANI (@ANI) June 22, 2025
अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है : ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है… ऐसा करने से मुझे यकीन है कि ईरान आने वाले पांच सालों में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बन जाएगा. हमले से पहले ईरान ने अपने भंडार को स्थानांतरित कर दिया होगा. यह कोई निवारक नहीं होगा. कई अरब देशों को लगेगा कि उन्हें परमाणु क्षमता की आवश्यकता है.”
अमेरिकी नीति केवल इजरायल सरकार के अपराधों को छिपाने की है : ओवैसी
ओवैसी ने कहा, “अमेरिकी नीति केवल इजरायल सरकार के अपराधों को छिपाने की है. गाजा में जो हो रहा है, वह नरसंहार है और कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है. कोई यह क्यों नहीं पूछ रहा है कि इजरायल के पास कितने परमाणु भंडार हैं?… ईरान में इन तीन या चार जगहों पर अमेरिका द्वारा बमबारी करने से वे नहीं रुकेंगे. मेरे शब्दों पर ध्यान दें, यहां तक कि ईरान भी अगले 5 से 10 सालों में ऐसा करेगा, यहां तक कि अन्य देश भी ऐसा करेंगे क्योंकि अब उन्हें एहसास हो गया है कि परमाणु बम और परमाणु हथियार होना ही इजरायल के आधिपत्य के खिलाफ एकमात्र निवारक है.”
खाड़ी और मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ी, तो 16 मिलियन भारतीयों पर पड़ेगा प्रभाव
ओवैसी ने कहा, “हमें यह भी याद रखना चाहिए कि खाड़ी और मध्य पूर्व में 16 मिलियन से ज़्यादा भारतीय रहते हैं और अगर उस क्षेत्र में युद्ध छिड़ जाता है, जिसकी दुर्भाग्य से बहुत संभावना है, तो इसका वहां रहने वाले भारतीयों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. भारतीय कंपनियों ने इन सभी अरब देशों या खाड़ी देशों में जो निवेश किया है, और विदेशी निवेश का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. और अंत में, ईरान के पास परमाणु हथियार होने या यह और वह होने के बारे में बहुत ज्यादा चर्चा की गई है, इराक में भी यही हुआ था, सामूहिक विनाश के हथियार. कुछ भी नहीं निकला.”
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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