दिल्ली-NCR को मोदी कैबिनेट की सौगात: द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज के बीच बनेगी 6-लेन की टनल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
Union Cabinet Meeting: राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और जाम से राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसले को मंजूरी दी गई है.
Union Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने के लिए सुरंग परियोजना को बुधवार को मंजूरी दे दी. इस छह-लेन की परियोजना में कुल 6,969.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एनएच-148एई के लिए 8.1 किलोमीटर लंबी इस सड़क सुरंग का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के तहत किया जाएगा और इसे पांच वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है.
प्रोजेक्ट दिल्ली के लिए फायदेमंद होगा साबित : अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली की एक बहुत पुरानी मांग को पूरा करेगा और आने वाले समय में दिल्लीवासियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा.
#WATCH | Delhi: At the Union cabinet briefing, Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "The first project is the 2-lane Dwarka tunnel. This will prove to be a huge boon for Delhi. This 8-kms tunnel addresses a long-standing demand… As per the detailed map: starting from the Shiv… pic.twitter.com/CWtmuQ8flY
— ANI (@ANI) July 1, 2026
पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच सफर होगा आसान
पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच के सफर को बेहद आसान और जाम-मुक्त बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है, जो अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे को सीधे दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज से जोड़ देगी. इस परियोजना के पूरा होने से गुरुग्राम, द्वारका, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा और पश्चिम दिल्ली से दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले लोगों का समय काफी बचेगा.
रिज क्षेत्र को नुकसान पहुंचाए बिना बनेगी ट्विन-ट्यूब सुरंग
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल होना है. मुख्य मार्ग की कुल लंबाई 6.3 किलोमीटर होगी, जिसका 1.98 किलोमीटर लंबा हिस्सा ‘सदर्न रिज फॉरेस्ट’ (Southern Ridge Forest) के नीचे से होकर गुजरेगा. इस हिस्से में टनल बोरिंग मशीन (TBM) की मदद से अत्याधुनिक अंडरग्राउंड ट्विन-ट्यूब सुरंग बनाई जाएगी. भूमिगत निर्माण होने के कारण सतह पर यातायात या पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और रिज क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. यह टनल शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे से ठीक पहले खत्म होगी.
क्या है रिज?
दिल्ली का हरा-भरा पहाड़ी इलाका, जो अरावली पर्वत शृंखला का एक हिस्सा है. यह दिल्ली के पर्यावरण के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
एम्स से महिपालपुर के बीच बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, नोएडा-गाजियाबाद जाना होगा आसान
यातायात को और अधिक सुगम बनाने के लिए NHAI ने एम्स (AIIMS) से महिपालपुर के बीच एक शानदार एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव रखा है. यह कॉरिडोर इस सुरंग को सीधे बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ देगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के लोग बिना किसी रेड लाइट के सीधे पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा तक का सफर तय कर सकेंगे.
1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी
नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए वहां 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी. साथ ही, छतरपुर से महिपालपुर की तरफ मौजूदा फ्लाईओवर के समानांतर एक और नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा और छतरपुर की तरफ मुड़ने वाले वाहनों के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी तैयार किया जाएगा. इन सभी प्रस्तावित फ्लाईओवर और यू-टर्न को मिलाकर परियोजना की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर हो जाएगी.
रोजगार के खुलेंगे बड़े द्वार: 17 लाख से ज्यादा मानव-दिवस का होगा सृजन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, यह परियोजना न सिर्फ दिल्ली की रफ्तार बढ़ाएगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रत्येक लेन-किलोमीटर के निर्माण से रोजाना औसतन 264 प्रत्यक्ष और 55 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार मिलते हैं. इस गणित के हिसाब से देखें तो इस पूरी परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 7.54 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 9.80 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा, जो युवाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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