महाकुंभ में पहली बार अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल, हवा ही नहीं, पानी के अंदर भी ‘तीसरी आंख’ की नजर

Underwater Drone
Underwater Drone Used First Time Mahakumbh Mela: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 की तैयारी आखिरी चरण पर है. इस बार योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुरक्षा पर खासा ध्यान दिया है. पहली बार हवा के साथ-साथ पानी के अंदर भी तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी.
Underwater Drone Used First Time Mahakumbh Mela: महाकुंभ मेला 2025 से पहले बुधवार को अंडरवाटर ड्रोन का परीक्षण किया गया. प्रयागराज एसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया, “इस महाकुंभ को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उपलब्ध सभी नई तकनीक का उपयोग करने का प्रयास किया गया है. इसी क्रम में आज अंडरवाटर ड्रोन का परीक्षण किया गया है. इसका इस्तेमाल जल पुलिस और पीएससी द्वारा किया जाएगा.
कैसे काम करेगा अंडरवाटर ड्रोन?
एसपी ने अंडरवाटर ड्रोन के बारे में बताया, “यह ऐसा ड्रोन है जो पानी के अंदर किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान कर सकता है. हम अपनी आवश्यकता के अनुसार कभी भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. हम पानी में हर तरह की निगरानी के लिए लगातार व्यवस्था कर रहे हैं.”
सुरक्षा में तैनात रहेंगे 50 हजार जवान
महाकुंभ 2025 की सुरक्षा में योगी सरकार खास ध्यान दे रही है. मेला की सुरक्षा में 50 हजार से अधिक जवान तैनात रहेंगे. आतंकी खतरों, साइबर हमलों, हमलावर ड्रोन और मानव तस्करी से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर ड्रोन लगाए गए हैं. पुलिस के जवान घोड़ों पर सवार होगी पूरे मेला परिसर में गश्त करते रहेंगे.
कब से कब तक किया जाएगा महाकुंभ मेला का आयोजन?
महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज में होगा.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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