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कोरोना वायरस को लेकर सख्त हुए उद्धव, कहा- गैर जरूरी यात्राएं नहीं रुकीं, तो बंद कर देंगे बस और ट्रेन सेवाएं

Updated at : 17 Mar 2020 9:39 PM (IST)
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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का सख्त फैसला

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मुंबई : महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि अगर लोग गैर-जरूरी यात्रा करने से परहेज नहीं करेंगे, तो सरकार बस और ट्रेन सेवाओं को बंद करने का ‘कड़ा फैसला’ लेने पर मजबूर हो जाएगी. राज्य कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ठाकरे ने लोगों से गैर जरूरी यात्रा नहीं करने और बिना वजह एक जगह जमा नहीं होने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में सात दिन की कोई छुट्टी नहीं है, जैसा मीडिया के एक तबके में खबर दी गयी है.

ठाकरे ने कहा कि प्रशासन 50 फीसदी क्षमता के साथ सरकारी कार्यालयों को काम करने की इजाजत देने पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि मंगलवार तक महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से 40 लोग संक्रमित हुए हैं. एक व्यक्ति की मौत हुई है. ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित 39 मरीजों की हालत स्थिर है, जबकि एक की स्थिति गंभीर है. संक्रमित लोगों में 26 पुरुष और 14 महिलाएं हैं. उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठक में राज्य की मौजूदा हालत और कोरोनो वायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाये गये कदमों पर चर्चा की गयी.

ठाकरे ने कहा कि मुंबई में सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन को बंद नहीं किया जाएगा. अगर लोगों ने संयम नहीं बरता और गैर-जरूरी यात्रा करने से परहेज नहीं किया, तो हम कड़े फैसले लेने पर बाध्य हो जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे में दुकानदारों का अपनी दुकानों को बंद रखने का फैसला उनका खुद का है और अन्य लोग भी इसका अनुकरण करें, तो अच्छा है.

उन्होंने कहा कि यह अच्छा रहेगा कि अन्य शहरों के दुकानदार भी अपनी दुकानों को खुद बंद रखें, लेकिन इसमें किराने के सामान रखने वाले जैसे जरूरी सेवाओं के दुकानदार शामिल नहीं हों. ठाकरे ने कहा कि सरकार ने बस और ट्रेन सेवा को बंद रखने का अब तक फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी सेवाएं हैं और हमारी इन्हें बंद करने की मंशा नहीं है. यातायात काफी कम हुआ है. लोग सिर्फ आपात स्थिति में ही अपने घरों से बाहर निकलें.

उन्होंने कहा कि अगले 15 दिन अहम हैं. लोगों को आत्म-अनुशासन में रहने की आवश्यकता है. ठाकरे ने कहा कि भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए (कुछ समय के लिए) सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया जाना चाहिए.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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