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लॉकडाउन के दो माह : चुनौतियां दी, तो आत्मनिर्भरता की राह भी

By Prabhat Khabar Print Desk
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लॉकडाउन के दो माह : चुतौतियां दी, तो आत्मनिर्भरता की राह भी
लॉकडाउन के दो माह : चुतौतियां दी, तो आत्मनिर्भरता की राह भी

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भारत में लॉकडाउन के आज दो महीने पूरे हो गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 24 मार्च की आधी रात से देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की, तब देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 500 से भी कम थी. अब तक लॉकडाउन तीन बार बढ़ाया जा चुका है. हर बार पहले से ज्यादा रियायतों के साथ. अभी चल रहे लॉकडाउन 4.0 में पाबंदियां काफी कम हो चुकी हैं. रोजमर्रा की जिंदगी धीर-धीरे पटरी पर आ रही है. हालांकि, कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों का बढ़ना लगातार जारी है. लॉकडाउन के दो महीने बाद, देश में संक्रमितों की संख्या अब सवा लाख पार कर चुकी है.

अगर दुनिया के आंकड़ों के आधार पर तुलना करें, तो कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई काफी मजबूत है. दुनिया में संक्रमितों की मृत्यु दर 6.5 फीसदी है, जबकि भारत में यह आंकड़ा केवल 2.97 फीसदी का है. यानी, दुनिया में हर 1000 कोरोना संक्रमितों में से 65 की मौत हो रही है, वहीं भारत में 29 लोगों की ही जान जा रही है. संक्रमण रोकने के लिए लागू लॉकडाउन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा धक्का पहुंचा. इसे फिर से गति देने के लिए केंद्र सरकार लगभग 21 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज घोषित कर चुकी है. इसके जरिये भारत ने इस संकट का अवसर के रूप में इस्तेमाल कर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया है. लॉकडाउन के कारण पूरे देश में प्रवासियों के पलायन का सैलाब आ गया है. रेल और नागरिक विमानन मंत्रालय इस स्थिति से निबटने के लिए बड़ा अभियान चला रहे हैं. रेलवे एक मई से 22 मई अब तक 2600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 35 लाख प्रवासियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा चुका है. 20 हजार से ज्यादा भारतीय विमानों के जरिये विदेशों से स्वदेश लाये जा चुका हैं.

तीन बार बढ़ा लॉकडाउन

  • लॉकडाउन 1.0 25 मार्च-14 अप्रैल (21 दिन)

  • लॉकडाउन 2.0 15 अप्रैल- 3 मई (19 दिन)

  • लॉकडाउन 3.0 4 मई- 17 मई (14 दिन)

  • लॉकडाउन 4.0 18 मई- 31 मई (14 दिन)

कोरोना संक्रमण : हाल भारत का

24 मार्च की स्थिति

  • कुल संक्रमित 492

  • ठीक हुए 46

  • मौत 9

मौजूदा स्थिति

  • कुल संक्रमित 1,25,101

  • ठीक हुए 51,784

  • मौत 3720

(स्रोत : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय.)

हाल दुनिया का

  • 24 मार्च की स्थितिकुल संक्रमित 4,17,582

  • ठीक हुए 107,247

  • मौत 18,612

मौजूदा स्थिति

  • कुल संक्रमित 51,75,476

  • ठीक हुए 21,74,503

  • मौत 3,38,039

(स्रोत : यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल)

दो माह में बने दुनिया के दूसरे पीपीइ उत्पादक देश

कोरोना महामारी से पहले भारत में एक भी पीपीइ (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) का उत्पादन नहीं होता था, लेकिन दो महीने की छोटी-सी अवधि में ही हम दुनिया में पीपीइ के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक बन गये हैं. डॉक्टरों, नर्सों और कई अन्य कोरोना योद्धाओं को संक्रमण से बचाव के लिए इसकी जरूरत होती है. आज भारत में रोजाना लगभग 4.5 लाख पीपीइ का उत्पादन हो रहा है और इसमें तकरीबन 600 कंपनियां लगी हैं. पीपीइ उत्पादन में भारत अब केवल चीन से पीछे है.

अकेले यूपी में बना 61 लाख लीटर सैनिटाइजरभारत में आज हर दिन लाखों लीटर सेनिटाइजर बन रहा है. इसमें चीनी उत्पादक राज्यों की बड़ी भूमिका है. शूगर मिल से निकलनेवाले शीरे से अब शराब की जगह सैनिटाइजर का उत्पादन हो रहा है. अकेले उत्तर प्रदेश में दो महीने में 61 लाख लीटर सैनिटाइजर बन चुका है. यानी रोज दो लाख लीटर से ऊपर. राज्य में पहले केवल एक चीनी मिल सैनिटाइजर बनाती थी, अब 27 मिलें बना रही हैं.

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