TVK की आंधी में ढह गया DMK और AIDMK का किला, तमिलनाडु में टूटा तिलिस्म

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :04 May 2026 2:36 PM (IST)
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Tamil Nadu Election

टीवीके प्रमुख थलापति विजय

Tamil Nadu Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए डीएमके और एआईएडीएमके को कड़ी टक्कर दी और बड़ी बढ़त बनाई. क्या राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल रही है? इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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Tamil Nadu Election: तमिलनाडु में तमिल वेट्री षडगम (टीवीके) की आंधी के आगे द्रविड़ मुनेत्र षडगम (डीएमके) और ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र षडगम (एआईडीएमके) का किला ढह गया. सोमवार 4 मई 2026 को घोषित किए गए विधानसभा चुनाव के नतीजों में थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके के तिलिस्म को तोड़ने में कामयाबी हासिल कर ली है. सबसे बड़ी बात यह है कि विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके और एआईडीएमके की सत्ता में वापसी पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है.

पहले चुनाव में टीवीके ने कर दिया कमाल

सोमवार को मतगणना के दौरान खबर लिखे जाने तक थलापति विजय की पार्टी टीवीके करीब 110 सीटों पर बढ़ बनाए हुई है. वहीं, डीएमके और उसकी सहयोगी पार्टियां 57 और एआईडीएमके और उसकी सहयोगी पार्टियां 66 सीटों पर आगे चल रही हैं. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को 117 के जादुई आंकड़े की जरूरत है. एक नई पार्टी के तौर पर तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके के सामने 110 सीटों पर बढ़त बनाए रखना टीवीके के लिए बड़ी बात है. इसका कारण यह है कि यह उसका पहला चुनाव है और पहले ही चुनाव में उसने डीएमके और एआईडीएमके जैसी पार्टियों को धराशायी कर दिया.

टीवीके को मिल सकता है छोटी पार्टियों का साथ

हालांकि, टीवीके के प्रमुख थलापति विजय ने विधानसभा चुनाव में किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया है. उम्मीद की जा रही है कि तमिलनाडु में टीवीके बिना किसी के सहयोग से सरकार बनाएगी. लेकिन, संभावना यह भी जाहिर की जा रही है कि सूबे की छोटी पार्टियां उसके साथ हाथ मिला सकती हैं. पार्टी को उम्मीद है कि वह तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके के एकाधिकार को तोड़ने में कामयाब हो जाएगी. इसका कारण यह है कि ये दोनों पार्टियां 1999 से सत्ता पर काबिज हैं. डीएमके को उम्मीद थी कि वह 1999-2009 के अपने कार्यकाल को दोहराएगी. एआईएडीएमके ने 2014 में पार्टी के चौथे कार्यकाल को अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद डीएमके ने 2019 और 2021 में लगातार जीत हासिल की थी.

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क्या कहती है थलापति विजय की पार्टी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जोरदार बढ़त मिलने के बाद टीवीके के प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने कहा कि सरकार बनाने के लिए गठबंधन बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको इस बात का पूरा भरोसा दिला सकता हूं कि हम अपने दम पर सरकार बनाएंगे. इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है. यह एक स्पष्ट जनादेश है. संदेश बिल्कुल स्पष्ट है. जनता ने लूट, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और परिवारवाद की राजनीति पर ब्रेक लगा दिया है. यह वंशवाद का अंत है, यह डीएमके का अंत है.’

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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