इन 9 देशों के पास है न्यूक्लियर वेपन, जानिए भारत के पास कितनी है परमाणु हथियारों की संख्या

Published by : Pritish Sahay Updated At : 17 Jun 2025 10:23 PM

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Trump Big Warning: इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले रवाना हो गए. ट्रंप में मीडिया से बात करने के दौरान कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता. उन्होंने गाजा में संघर्ष विराम समेत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की अपील की.

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Nuclear Weapon in World: दुनिया के 9 ऐसे देश हैं जिनके पास काफी मात्रा में परमाणु हथियार है. यह 9 देश ऐसे है जिन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनके पास परमाणु हथियार हैं या ऐसा माना जाता है कि उनके पास ये हथियार मौजूद हैं. परमाणु हथियार कितना ताकतवर और विध्वंसक है इसकी झलक दुनिया जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में देख चुकी है.  परमाणु हथियार का सबसे पहला इस्तेमाल अमेरिका ने किया था. इसके बाद रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन भी परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बन गये.

यह पांच देश परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर कर चुके हैं. यह संधि एक प्रकार का प्रतिज्ञा है जो यह प्रतिबद्ध करता है कि जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे न तो उनका निर्माण करेंगे और न ही उन्हें प्राप्त करेंगे, और जिनके पास परमाणु हथियार हैं, वे परमाणु निरस्त्रीकरण के उद्देश्य से “सद्भावनापूर्वक वार्ता जारी रखेंगे.

भारत और पाकिस्तान भी हैं परमाणु संपन्न राष्ट्र

भारत और पाकिस्तान ने बीते कुछ सालों में अपने परमाणु शस्त्रागार का निर्माण किया है. दोनों देशों ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. भारत ने 1974 में सबसे पहले परमाणु परीक्षण किया था, उसके बाद 1998 में दूसरा परीक्षण किया. इसके कुछ ही सप्ताह बाद पाकिस्तान ने भी अपना परमाणु परीक्षण किया. इजराइल ने भी एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. उसने कभी अपने पास परमाणु हथियार होने की बात स्वीकार नहीं की है, लेकिन व्यापक रूप से ऐसा माना जाता है कि उसके पास यह हथियार हैं.  उत्तर कोरिया 1985 में एनपीटी में शामिल हुआ था, लेकिन 2003 में उसने अमेरिका की आक्रामकता का हवाला देते हुए संधि से बाहर निकलने की घोषणा की. 2006 से उसने कई परमाणु परीक्षण किए हैं.

ईरान विकसित कर रहा है परमाणु बम

ईरान लंबे समय से इस बात पर अड़ा जोर देता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने आकलन किया है कि तेहरान अब सक्रिय रूप से बम बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है. हालांकि हाल के सालों में उसने यूरेनियम को 60 फीसदी शुद्धता तक संवर्धित किया है, जो हथियार-स्तर के 90 फीसदी के करीब है.

स्टॉकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान अपने एक वार्षिक आकलन में अनुमान लगाया है कि जनवरी तक नौ देशों के पास सैन्य परमाणु हथियारों का निम्नलिखित भंडार था.

  • रूस – 4309
  • अमेरिका- 3700
  • चीन- 600
  • फ्रांस- 290
  • ब्रिटेन- 225
  • भारत- 180
  • पाकिस्तान- 170
  • इजराइल- 90
  • उत्तर कोरिया- 50
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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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