HIV Case: त्रिपुरा में HIV से 47 छात्रों की मौत, 828 पाए गए पॉजिटिव, वजह आई सामने

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Jul 2024 5:46 PM

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Tripura hiv

HIV Case: त्रिपुरा में एचआईवी एड्स से 47 छात्रों की मौत के मामले सामने आए हैं. जबकि 828 छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं.

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HIV Case: इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार त्रिपुरा एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने बताया, राज्य में HIV से 47 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कुल 828 छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए देशभर के अलग-अलग संस्थाओं में पढ़ने गए हैं.

स्कूलों और कॉलेजों के छात्र हुए पॉजिटिव

एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अधिकारियों के अनुसार एचआईपी पॉजिटिव पाए गए 828 छात्रों में 572 छात्र अब भी बीमारी से ग्रस्त हैं और 47 छात्रों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने बताया, 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों में ऐसे छात्रों की पहचान की गई है. अधिकारियों के अनुसार हर दिन एनआईवी के चार से पांच केस सामने आ रहे हैं.

इस कारण से एचआईवी पॉजिटिव हुए छात्र

त्रिपुरा में छात्रों के एचआईवी संक्रमित होने की वजह नशीले पदार्थ के सेवन को बताया जा रहा है. जांच में पाया गया कि छात्र इंजेक्शन से नशीली दवा का सेवन कर रहे थे. यह जानकारी मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए टीएसएसीएस के अधिकारियों ने दी. कार्यशाला में टीएसएसीएस की परियोजना निदेशक डॉ समरपिता दत्ता और त्रिपुरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे.

साल में दो बार इंजेक्शन लगवाने पर संक्रमण से मिल सकती है 100 फीसदी सुरक्षा

दक्षिण अफ्रीका और युगांडा में व्यापक स्तर पर किये गए एक क्लिनिकल ​​​​परीक्षण से पता चला है कि नयी रोग-निरोधक दवा का साल में दो बार इंजेक्शन युवतियों को एचआईवी संक्रमण से पूरी सुरक्षा देता है. परीक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या ‘लेनकापाविर’ का छह-छह महीने पर इंजेक्शन, दो अन्य दवाओं (रोज ली जाने वाली गोलियों) की तुलना में एचआईवी संक्रमण के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा. सभी तीन दवाएं ‘प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस’ (रोग निरोधक) दवाएं हैं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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