उत्तराखंड में बाघ का आतंक, दर्जनों गांव में कर्फ्यू, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 17 Apr 2023 11:55 AM

विज्ञापन

बाघ के आतंक को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे दिया है. डीएम पौड़ी आशीष चौहान ने बताया, 17 और 18 अप्रैल को रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे.

विज्ञापन

उत्तराखंड में बाघ का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने जिले में बाघ के आतंक को देखते हुए रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के दर्जनों गांवों में शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है. जबकि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र को भी बंद कर दिया गया है.

17 और 18 अप्रैल को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद

बाघ के आतंक को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे दिया है. डीएम पौड़ी आशीष चौहान ने बताया, 17 और 18 अप्रैल को रिखणीखाल व धूमाकोट तहसील के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे.

ड्रोन कैमरे से रखी जा रही बाघ पर नजर

बाघ पर निगराने के लिए इलाके में ड्रोन और कैमरे लगाये गये हैं. दरअसल रिखणीखाल के डल्ला गांव में बाघ ने वृद्ध पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी. उसके बाद से ही इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. बाघ को पकड़ने के लिए गांच में पिंजरा लगाया गया है. ड्रोन से बाघ पर निगरानी रखी जा रही है.

Also Read: कहां गया अमृतपाल सिंह? 9 राज्यों की पुलिस कर रही तलाश, उत्तराखंड के इस शहर में छिपे होने का शक

बाघ के आतंक से इलाके में दहशत का माहौल

उत्तराखंड में बाघ के आतंक से इलाके में भारी दहशत है. लोग में भय का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है. शाह ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं. हालांकि वन विभाग के अधिकारी बाघ को पकड़ने के लिए लगातार इलाके में गश्ती कर रहे हैं.

Also Read: अगर देखने हों बाघ तो आइये उत्तराखंड का जिम कार्बेट, सबसे उम्दा है यह अभयारण्य

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola