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जिन्हें कोरोना नहीं हुआ क्या उन्हें भी है ब्लैक फंगस का खतरा, पढ़ें क्या है एक्सपर्ट की राय

ब्लैक फंगस उन सभी लोगों को अपना शिकार बना सकता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, ब्लड शूगर लेवल ठीक नहीं रहता है. ऐसे में ब्लैक फंगस से सुरक्षित रहने के लिए खुद पर ध्यान देना जरूरी है.

By Prabhat khabar Digital
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black fungus without covid patients
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देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में भले ही कमी दर्ज की गयी हो लेकिन ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ रहा है. ब्लैक फंगस का सबसे ज्यादा खतरा किसे है, क्या कोरोना संक्रमण से बचे लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं ? एक्सपर्ट के अनुसार ब्लैक फंगस उन सभी लोगों को अपना शिकार बना सकता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, ब्लड शूगर लेवल ठीक नहीं रहता है. ऐसे में ब्लैक फंगस से सुरक्षित रहने के लिए खुद पर ध्यान देना जरूरी है.

डॉक्टरों का यह मानना है कि ब्लैक फंगस ऐसी बीमारी है जो कोरोना संक्रमण से पहले या उसके बाद भी आपको हो सकती है, इस बीमारी के संबंध में यही जानकारी दी जा रही है कि जिनका शूगर लेवल सही नहीं है, उन्हें ज्यादा खतरा है. अगर आपका शूगर लेवल 700-800 के बीच पहुंच जाता है तो आपको इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है. सिर्फ इस बीमारी का ही नहीं आपको दूसरी बीमारियों का भी खतरा होता है.

अगर आप कोरोना संक्रमण को मात देकर ठीक हुए और आपका शूगर लेवल ठीक नहीं है तो आपको खतरा ज्यादा है. कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए आपको स्ट्रायड दिया जाता है, यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर डालता है. आप भले कोरोना को मात देते हैं लेकिन आपका शरीर कमजोर पड़ जाता है़, ऐसे में ब्लैक फंगस के लिए आप आसान शिकार होते हैं. जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है उन्हें ब्लैक फंगस से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कोरोना के नये प्रकार ने आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ज्यादा असर डाला है, यही कारण है कि दूसरी लगर में मरीजों की संख्या में भी बढोतरी हुई और कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का खतरा और मरीजों की संख्या भी बढ़ी.


कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कोरोना के नये प्रकार ने आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ज्यादा असर डाला है, यही कारण है कि दूसरी लगर में मरीजों की संख्या में भी बढोतरी हुई और कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का खतरा और मरीजों की संख्या भी बढ़ी.

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