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एली लिली एंड कंपनी की इस दवा को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए भारत में आपात इस्तेमाल की मिली मंजूरी!

By Prabhat khabar Digital
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उली लिली एंड कंपनी की एंटीबॉडी दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली.
उली लिली एंड कंपनी की एंटीबॉडी दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली.
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नयी दिल्ली : भारत की एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly and Company) ने घोषणा की है कि भारत में कोविड-19 के इलाज के लिए कंपनी के एंटीबॉडी दवाओं (Antibody Drugs) को आपाताकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली है. इस दवाओं का उपयोग कोरोना संक्रमितों के इलाज में पूर्व से इस्तेमाल की जा रही दवाओं के साथ किया जायेगा. कंपनी ने कहा है कि भारत में हलके और मध्यम लक्षण वाले रोगियों के इलाज के लिए हमारी दवा का इमरजेंसी इस्तेमाल हो सकेगा.

अमेरिका की एक बड़ी दवा निर्माता कंपनी सिप्ला ने मई के दूसरे सप्ताह में ही कहा था कि भारत में बारिसिटिनिब दवा के निर्माण के लिए हमने एली लिली के साथ समझौता किया है, यही कंपनी भारत में दवा के वितरण का जिम्मा भी संभालेगी. अब बामलानिविमैब 700 मिलीग्राम और एटेसेविमैब 1400 मिलीग्राम (bamlanivimab 700mg and etesevimab 1400mg) को भारत में उपयोग की अनुमति मिली है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के इंडिया के प्रबंध निदेशक लुका विसिनी ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारे पास भारत के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की पेशकश करने के लिए एक और अभिनव उपचार विकल्प है जो कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे बने हुए हैं. लिली भारत और दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के उन्मूलन में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है. हम यह आकलन और मूल्यांकन करना जारी रखेंगे कि हमारे मौजूदा पोर्टफोलियो और चल रहे शोध से कोविड -19 के रोगियों को कैसे फायदा हो सकता है.

बामलानिविमैब और एटेसेविमैब को एक साथ इंजेक्शन के माध्यम से वयस्कों और बाल रोगियों (12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के, कम से कम 40 किलोग्राम वजन वाले) को अस्पतालों में हल्के से मध्यम कोविड -19 के इलाज के लिए सीमित तरीके से दिया जा सकता है. इसका उपयोग आरटी-पीसीआर टेस्ट पॉजिटिव मरीजों पर ही किया जा सकता है. अमेरिका में इस दवा का उपयोग काफी पहले से ही हो रहा है.

इसमें यह भी देखना होगा कि रोगी में हल्के और मध्यम लक्षण हों लेकिन उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव हो. वैसे मरीजों पर भी इसका उपयोग किया जा सकता है जो उच्च जोखिम वाले हैं और जिनमें गंभीर लक्षण देखने को मिल रहे हैं. लेकिन एक शर्त ये होगी कि उनको ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत न पड़ी हो. इस दवा के उपयोग से रोगियों के जल्द रिकवरी में मदद मिलती है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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