'पोंगल' से पहले तमिलनाडु के परिवहन कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, जानें वजह

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Jan 2024 11:08 AM

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'पोंगल' से पहले तमिलनाडु के परिवहन कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. मामले को लेकर सीटू नेता ए सौंदरराजन ने कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परिवहन कर्मचारियों की कोई भी मांग अब स्वीकार नहीं की जा सकती है.

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तमिलनाडु में जनजीवन प्रभावित हो सकता है. दरअसल, परिवहन कर्मचारी संघों ने राज्य सरकार पर उनकी मांगों पर विचार नहीं करने का आरोप लगाया है. यह आरोप लगाते हुए वे मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. सोमवार को एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के साथ विफल वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है. वार्ता में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) सहित विभिन्न यूनियनों के गठबंधन ने अपनी मांगों की सूची सामने रखी, जिसमें 15वें वेतन संशोधन समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल है. इसके अलावा वेतन, पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में संशोधन के साथ-साथ बस चालक और कंडक्टर पदों में रिक्तियों को भरने की मांग रखी गई थी.

क्या कहा सीटू नेता ए सौंदरराजन ने

सीटू नेता ए सौंदरराजन के अनुसार, राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परिवहन कर्मचारियों की कोई भी मांग अब स्वीकार नहीं की जा सकती है. सरकार के इस रुख के बाद यह फैसला लिया गया है. आगे सौंदरराजन ने कहा कि यह सरकार परिवहन निगम कर्मचारियों के साथ दोयम दर्जे के नागरिकों के रूप में व्यवहार कर रही है. एक प्रमुख मांग पेंशनभोगियों के लिए आठ साल से लंबित महंगाई भत्ता जारी करने की है. हम इसमें बढ़ोतरी की मांग नहीं कर रहे हैं, हम देय डीए जारी करने के लिए कह रहे हैं. सरकार से 15वें वेतन संशोधन समझौते के तहत बढ़ी हुई मजदूरी तय करने के लिए बातचीत शुरू करने की तारीख तय करने का आग्रह करते हुए सीटू नेता ने कहा कि यदि वे इस मांग को भी स्वीकार नहीं कर सकते हैं, तो सरकार को हमें हड़ताल रद्द करने के लिए कहने का अधिकार नहीं है.

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त्योहार ‘पोंगल’ से पहले हड़ताल से होगी परेशानी

यहां चर्चा कर दें कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल तमिल त्योहार ‘पोंगल’ से पहले हुई है. यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ प्रदेश में मनाया जाता है. ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल का त्योहार पर खास असर नजर आ सकता है. इस बीच राज्य के परिवहन मंत्री एस एस शिवशंकर ने सोमवार को आरोप लगाया कि परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल का राजनीति कनेक्शन है. इससे जनता को परेशानी होगी. हड़ताल पर उचित कार्रवाई की चेतावनी देते हुए मंत्री ने आगे कहा कि वित्तीय स्थिति में सुधार होने के बाद मांगों पर विचार किया जाएगा. इस बीच, अन्नाद्रमुक प्रमुख और विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने द्रमुक सरकार की आलोचना की.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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