तमिलनाडु में विजय की टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, बधाई देने पहुंचे ज्योतिष राधन पंडित, चुनाव से पहले दी थी सलाह
टीवीके के संस्थापक विजय
Tamil Nadu Election Results : तमिलनाडु चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद एक्टर से पाॅलिटिशियन बने विजय के घर बधाई देने वालों की लाइन लगी हुई है. उन्हें बधाई देने वालों में कुछ लोग बहुत खास हैं, ऐसे ही लोगों में से एक है ज्योतिष राधन पंडित.
Tamil Nadu Election Results : एक्टर विजय की पार्टी टीवीके तमिलनाडु के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. पहले चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी पार्टियों को शिकस्त देना एक्टर विजय की बड़ी उपलब्धि है. उनकी इस उपलब्धि पर उनके घर में जश्न का माहौल है.
विजय के माता-पिता ने जताई खुशी
एक्टर विजय की जीत पर उनके पिता एसए चंद्रशेखर ने काफी खुशी जताई. उन्होंने कहा कि वह प्रदेश में बड़ा बदलाव लेकर आएगा. वहीं उनकी मां शोभा चंद्रशेखर ने कहा कि वो बेटे की सफलता पर बहुत खुश हैं. उनके परिवार का कुछ वीडियो सामने आया है, जिसमें उनकी बहनें खुशी मनाती नजर आ रही हैं. उनके कुछ रिश्तेदार व्हिसलपोडु का मैसेज दे रहे हैं. वे सीटी बजाकर अपनी खुशी का इजहार भी कर रहे हैं. कई रिश्तेदार गाना गाकर तो कुछ डांस करके भी अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं.
विजय की जीत में शामिल होने पहुंची तृषा कृष्णन
विजय की को स्टार और उनकी करीबी मित्र तृषा कृष्णन चुनाव परिणाम की जानकारी मिलने के बाद विजय के घर पहुंची. तृषा कुछ समय तक उनके घर पर रूकीं और उसके बाद वे वापस चली गईं. तृषा ने रविवार को बालाजी के दर्शन किए थे, जिसके बारे में यह कहा जा रहा था कि वो विजय की जीत के लिए प्रार्थना करने बालाजी मंदिर पहुंची थीं. हालांकि तृषा का 4 मई को जन्मदिन है और वे इसी मौके पर बालाजी का आशीर्वाद लेने गई थीं.
विजय को बधाई देने पहुंचे ज्योतिष राधन पंडित
विजय की जीत पर बधाई देने पहुंचने वालों में जिनकी चर्चा सबसे अधिक हो रही है, वे हैं ज्योतिष राधन पंडित. राधन पंडित का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसमें वे फूलों का गुलदस्ता लेकर विजय के घर में प्रवेश कर रहे हैं. राधन पंडित दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ज्योतिष हैं. उन्होंने यूट्यूब पर अपना जो प्रोफाइल लगाया है, उसमें यह जानकारी दी गई है कि वे तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री, एआईएडीएमके, बीजेपी, कांग्रेस और डीएमके के नेताओं को अपनी सलाह दे चुके हैं. उन्होंने जयललिता को भी अपनी सलाह दी है. अब ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि विजय ने भी उनसे सलाह ली थी.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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