करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत, तृषा कृष्णन से अफेयर; चुनाव तक विवादों में रहे विजय थलापति अब बनेंगे सीएम

Edited by Rajneesh Anand
Updated:
विज्ञापन

विजय और विवाद

Vijay and Controversy : तमिलनाडु की जनता ने एक्टर विजय को बहुत प्यार दिया है. उनके फिल्मों के तो वे दीवाने थे ही, अब उनकी राजनीति के भी दीवाने हो गए हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि विजय के जीवन से जुड़े विवादों के लिए जनता ने उन्हें माफ कर दिया है. ऐसे विवादों में करूर भगदड़ और उससे हुई 41 लोगों की मौत भी शामिल है.

विज्ञापन

Vijay and Controversy : तमिलनाडु की राजनीति में आम आदमी के मुद्दों पर फोकस करके एक्टर विजय ने बदलाव की जो आंधी लाई है, उसके बाद उनकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. एक्टर विजय की छवि एक ऐसे एक्टर की है, जिसका मास कनेक्ट है. वह आम आदमी के जीवन, उसके संघर्ष और उसके इमोशन को पर्दे पर दिखाते हैं. वह जब पर्दे पर आते हैं, तो पूरा सिनेमा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है. ऐसे मास कनेक्ट वाले एक्टर विजय के जीवन में भी कुछ ऐसे मसले हैं, जो कई बार विवाद का कारण बने हैं.

पत्नी संगीता सोरनालिंगम से तलाक की खबरें होती रहती हैं वायरल?

विजय अभी 51 साल के है. उन्होंने महज 25 साल की उम्र में संगीता सोरनालिंगम से शादी कर ली थी. संगीता श्रीलंकाई तमिल मूल की हैं और यूके में रहती थीं. वो विजय की बहुत बड़ी फैन थीं. इन दोनों की मुलाकात एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई और फिर इन्होंने परिवार की मर्जी से शादी कर ली. संगीता अमूमन लाइम लाइट से दूर रहती हैं. इनके दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी. बेटा 26 साल का है और बेटी 21 साल की है. मीडिया में कई बार इनके बीच तलाक की खबरें आती रहती हैं, लेकिन इसकी पुष्टि ना तो विजय ने की है और ना ही उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम ने की है.

तृषा कृष्णन से अफेयर की खबरें

तृषा कृष्णन विजय की को-स्टार हैं. इन दोनों की कई फिल्में एक साथ बनी हैं, जिनमें उनकी कमेस्ट्री देखने लायक थी. तृषा और विजय ने साथ में कई फिल्में की है, जिनमें लियो, घिल्ली, तिरुपाची और आधी जैसी फिल्में शामिल हैं. तृषा हाल ही में बालाजी के दर्शन के लिए गई थीं, उस वक्त यह कहा गया कि वो चुनाव में विजय की जीत के लिए प्रार्थना करने मंदिर गई थीं. हालांकि अपने रिश्ते को लेकर तृषा और विजय ने अबतक कोई टिप्पणी नहीं की है.

करूर रैली भगदड़ में 41 की मौत

विजय एक बड़े स्टार हैं. जब उन्होंने राजनीति में एंट्री ली, तो उनकी रैलियों में भीड़ जरूरत से ज्यादा उमड़ने लगी. ऐसे ही एक रैली 27 सितंबर करूर में आयोजित की गई थी, जहां भीड़ बहुत ज्यादा थी. प्रवेश और निकास द्वार पर बोझ बहुत ज्यादा था. सभी विजय को देखने के लिए उत्सकु थे, उसी दौरान भगदड़ मच गई और कई लोगों की मौत दम घुटने से हो गई. जानकारी के अनुसार कुल 41 लोगों की मौत इस भगदड़ में हुई थी. इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विजय को निशाने पर लिया था और कहा था उनकी वजह से इतने लोगों की मौत हुई है. विजय रैली में सात घंटे विलंब से पहुंचे थे, जिसकी वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई थी. उन्होंने टीवीके के आयोजन को बेकार बताया था. घटना के बाद विजय ने वीडियो जारी कर शोक व्यक्त किया था और कहा था कि लोग उनसे प्रेम करते हैं, इसलिए बहुत बड़ी संख्या में आ गए थे. इस घटना के लिए मुझे दोष दिया जाना चाहिए, टीवीके के कार्यकर्ताओं को नहीं.

विजय की गाड़ी के नीचे आया युवक, लेकिन विजय ने नहीं रोका रोड शो

विजय के रोड शो के दौरान शिवगंगा जिले में एक बाइक सवार विजय की गाड़ी के नीचे आ गया था. दरअसल वह युवक तेज रफ्तार से बाइक चलाकर विजय की गाड़ी के पीछे आया था और उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश में था. उसी दौरान युवक का संतुलन बिगड़ा और वह गिर पड़ा. वह विजय की कार के नीचे आ गया था, लेकिन विजय ने अपने काफिले को रोका नहीं. इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद विजय को बहुत ट्रोल किया गया था.

ये भी पढ़ें : विजय थलापति का व्हिसलपोडु, तमिलनाडु की राजनीति में हड़कंप; सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है TVK

विजय थलापति ने तमिलनाडु की राजनीति का बदला रंग, द्रविड़ पहचान पर हावी हुआ विकास का सपना

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola