हिंदी और हिंदू विरोधी लहर में बह गए स्टालिन? उदयनिधि ने सनातन को डेंगू और मलेरिया कहा था

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एमके स्टालिन, फोटो पीटीआई

Tamil Nadu Election Result: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सरकार बनाने की रेस में आगे बढ़ती जा रही है. विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है. दूसरी ओर सत्तारूढ़ डीएमके तीसरे नंबर पर पहुंच गई है.

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Tamil Nadu Election Result: टीवीके प्रमुख विजय राजनीति में ओपनिंग पारी खेलते हुए पहली बार में ही मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. दूसरी ओर 2021 में सत्ता पर काबिज डीएमके से सत्ता छिनती दिख रही है. शुरुआती रुझानों में 234 सदस्यीय विधानसभा में डीएमके+ 66, एडीएमके (ADMK)+ 63 और टीवीके 106 सीटों पर बढ़त बना चुकी है. डीएमके के टॉप नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे एवं उप मुख्यमंत्री उदयनिधि चेन्नई की अपनी-अपनी सीटों पर पिछड़ते नजर आ रहे हैं.

हिंदी और हिंन्दू विरोध ने स्टालिन को सत्ता से किया बाहर?

स्टालिन हिंदी और हिंदू विरोध के जरिए सत्ता में वापसी करना चाहते थे, लेकिन उनका दांव उलटा पड़ता दिख रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन और उनके बेटे डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने हिंदी थोपने और भाषाई पहचान को प्रमुख मुद्दा बनाया. उन्होंने प्रचार में लोगों से कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो हिंदी और हिंदू एजेंडे को जबरन थोपा जाएगा. उनकी पार्टी डीएमके ने हमेशा हिंदी भाषा का विरोध किया है, लेकिन इस बार डीएमके के लिए यह उलटा साबित हो गया.

उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया कहा था

सीएम स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने सनातन धर्म को डेंगू और मलेरिया बताया था. 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सनातन धर्म को कई सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि जिस तरह से डेंगू, मलेरिया और कोरोना को खत्म करते हैं, उसी तरह सनातन को भी समाज से बाहर करना होगा.

उदयनिधि स्टालिन का जमकर हुआ विरोध

सनातन विरोधी बयान को लेकर देशभर में उदयनिधि स्टालिन का विरोध किया गया और मामले दर्ज किए गए. हालांकि इसके बावजूद स्टालिन अपने बयान पर अडिग रहे. उन्होंने नवंबर 2023 में फिर से कहा- मैंने कुछ गलत बयान नहीं दिया. उन्होंने कहा- मैं कानून का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन अपना बयान नहीं बदलूंगा.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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