Talaq: बीवी की रजामंदी के बिना अब नहीं ले सकते तलाक, मद्रास HC का बड़ा फैसला
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 28 Oct 2024 5:13 PM
Talaq: एकतरफा तलाक पर मद्रास हाईकोई ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा, अगर मुस्लिम पत्नी तलाक जारी करने पर उसे मानने से इनकार करती है, तो तलाक का फैसला कोर्ट से ही होगा.
Talaq: मद्रास हाईकोर्ट ने एकतरफा तलाक पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया कि अगर मुस्लिम पति तलाक देता है और पत्नी उसे मानने से इनकार करती है, तो कोर्ट के जरिए ही तलाक मान्य होगा. जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने कहा, तलाक पर विवाद हो, तो पति का दायित्व है कि वो कोर्ट को संतुष्ट करे कि उसने पत्नी को जो तलाक दिया है, वो कानून के अनुसार है.
दूसरी शादी करने पर पहली पत्नी को रहने के लिए नहीं किया जा सकता बाध्य
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि पति अगर दूसरी शादी करता है तो पहली पत्नी को साथ में रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है. मुस्लिम पर्सनल लॉ में पुरुषों को एक से अधिक शादी करने की इजाजत है. कोर्ट ने कहा, इसके बावजूद पहली पत्नी को मानसिक रूप से पीड़ा हो सकती है. कोर्ट ने कहा, अगर पहली पत्नी पति के दूसरी शादी से सहमत नहीं है, तो वो पति से भरण-पोषण का खर्च पाने का हकदार है.
क्या है मामला
कोर्ट पति द्वारा दायर दीवानी review याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें पत्नी को मुआवजा देने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई थी. पति और पत्नी की शादी 18 अप्रैल, 2010 को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी. 2018 में पत्नी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम की धारा 12(1) और (2), 18(ए) और (बी), 19(ए), (बी), (सी), और 20(1)(डी) और 22 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी. मजिस्ट्रेट ने पति को पत्नी को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये और उनके बच्चे के भरण-पोषण के लिए 2500 रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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