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Swati Maliwal Case: विभव कुमार सीएम हाउस में मौजूद नहीं थे, जमानत की सुनवाई के दौरान वकील ने दी ये दलील

Updated at : 27 May 2024 1:37 PM (IST)
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Swati Maliwal Case: विभव कुमार सीएम हाउस में मौजूद नहीं थे, जमानत की सुनवाई के दौरान वकील ने दी ये दलील

Swati Maliwal assault case/ file photo

Swati Maliwal Case: राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के आरोपी विभव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील ने कहा कि वह सीएम हाउस में मौजूद नहीं थे.

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Swati Maliwal Case: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के आरोपी विभव कुमार ने जमानत की अर्जी दी जिसपर सुनवाई आज हुई. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के करीबी विभव कुमार की जमानत पर तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई हुई. मारपीट मामले में कोर्ट ने कुमार की जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

सुनवाई के दौरान वकील की ओर से दलील दी गई कि विभव कुमार सीएम आवास पर मौजूद नहीं थे, तब वह (स्वाति मालीवाल) सीएम आवास की ओर चली गईं. क्या कोई इस तरह से प्रवेश कर सकता है, यह सीएम का आधिकारिक आवास है.

वकील की ओर से कहा गया कि सीसीटीवी पहले ही बरामद कर लिया गया, इसलिए इससे छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं उठता है. पुलिस जांच में विभव कुमार लगातार सहयोग कर रहे हैं.

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कोर्ट में रो पड़ीं स्वाति मालीवाल

सुनवाई के दौरान विभव की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि दिल्ली पुलिस के बनाए हुए काफी केस देखे, लेकिन ऐसा केस कभी नहीं देखा. विभव के वकील द्वारा दी गई दलीलों के बाद राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल कोर्ट में रो पड़ीं. वकील की ओर से कहा गया कि एफआईआर में जो बता कही जा रही है उसमें जरा भी सच्चाई नहीं है. तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई.

एक महिला को पीटा, जो अकेली थी : APP

सुनवाई के दौरान Additional Public Prosecutor (APP) अतुल श्रीवास्तव की ओर से कहा गया कि गैर इरादतन हत्या का मामला बनता है. यह बताने के लिए जानकारी पर्याप्त है. उन्होंने कहा कि आरोपी ने एक महिला को पीटा, जो अकेली थी और उसे घसीटा गया. उसका सिर सेंटर टेबल पर लगा, क्या इससे मौत नहीं होगी? यदि मैं किसी महिला को खुली जगह पर थप्पड़ मारता हूं, तो यह एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम होगा.

APP की ओर से कोर्ट के समक्ष कहा गया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को यह नहीं बताया कि वह सेवा में नहीं है और सीएम के साथ बैठक की व्यवस्था नहीं कर सकता. इससे आरोपी की मंशा का पता चलता है. पहले ऐसा कोई मौका नहीं था जब उन्हें पहले से अपॉइंटमेंट लेने के लिए कहा गया हो.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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