स्वामित्व योजना के तहत देश में अब तक 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी, बिहार और झारखंड का आंकड़ा आना बाकी
Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Dec 2023 10:36 PM
**EDS: VIDEO GRAB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the nation on COVID-19 via a video message, in New Delhi, Friday, April 3, 2020. PM Modi urged people to switch off lights of their homes at 9 pm for nine minutes on April 5 and light up lamps, candles, mobile flashlights to display the nation's collective spirit to defeat coronavirus. (PTI Photo)(PTI03-04-2020_000013B)
Swamitva Yojna: सरकार ने संपत्ति विवाद को कम करने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की. इस योजना के तहत जमीन का सर्वे कर संपत्ति कार्ड देने का फैसला लिया गया है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार 6 दिसंबर 2023 तक राज्य सरकारें 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी कर चुकी है.
Swamitva Yojna: देश में सबसे अधिक विवाद संपत्ति को लेकर है. ऐसे में सरकार ने संपत्ति विवाद को कम करने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की. इस योजना के तहत जमीन का सर्वे कर संपत्ति कार्ड देने का फैसला लिया गया है. योजना का क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार 6 दिसंबर 2023 तक राज्य सरकारें 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी कर चुकी है.
बिहार और झारखंड का आंकड़ा आना बाकी
अगर राज्यवार आंकड़ें पर गौर करें तो 6 दिसंबर 2023 तक बिहार और झारखंड सरकार की ओर से कोई आंकड़ा पेश नहीं किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में 17556, गुजरात में 2.62 लाख, हरियाणा में 25.15 लाख, मध्य प्रदेश में 23.14 लाख, उत्तर प्रदेश में 72.18 लाख प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा चुके हैं. स्वामित्व योजना के तहत जमीनों का सर्वे करने के लिए देश के 2.88 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन का संचालन किया गया है.
कई राज्यों के अधिकतर गांवों का काम पूरा
ड्रोन से जमीन सर्वे का काम आंध्र प्रदेश के 13176, छत्तीसगढ़ के 13079, झारखंड के 240, मध्य प्रदेश के 43014, उत्तर प्रदेश के 90909 गांवों में पूरा हो चुका है. मंत्रालय के अनुसार स्वामित्व योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 79.65 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 139.99 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 105 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में 6 दिसंबर तक 29.88 करोड़ रुपये फंड का आवंटन किया गया है.
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By Pritish Sahay
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