यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- पूरा सहयोग करेंगे
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Feb 2026 12:10 PM
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Photo: ANI)
Swami Avimukteshwaranand : उत्तर प्रदेश पुलिस सोमवार को यौन उत्पीड़न आरोप में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के घर पहुंची. नीचे पढ़ें अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मामले को लेकर क्या कहा.
Swami Avimukteshwaranand : मीडिया से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि वे पुलिस का विरोध नहीं करेंगे और पूरा सहयोग करेंगे. शंकराचार्य ने कहा कि वे तीन अदालतों (जनता, अपने मन और भगवान) पर विश्वास करते हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम पुलिस का किसी भी तरह विरोध नहीं करेंगे. पूरा सहयोग करेंगे. पुलिस जो भी करे, जनता देख रही है.
उन्होंने कहा कि हमारे लिए तीन अदालतें हैं. 1. जनता (निचली अदालत), 2. हमारा मन (मध्यम अदालत) और 3. भगवान (सुप्रीम कोर्ट). जनता सब देख रही है और फैसला वही देगी. हमारा मन जानता है कि हम सही हैं या नहीं. भगवान भी सब देख रहे हैं. ऐसे में हमें तीनों अदालतों से निर्दोष प्रमाण मिला है.
#WATCH | Varanasi, UP: Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, "Even if the police take action to arrest us, we won't oppose them. We will cooperate. The public is watching everything… The lies are eventually exposed. The story will be proven false, if not today, then… https://t.co/ukiIUlkXmc pic.twitter.com/vc88TgfS1a
— ANI (@ANI) February 23, 2026
पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज
पिछले हफ्ते झूंसी थाने में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज की गई थी. मामला शनिवार रात लगभग 11:30 बजे दर्ज किया गया, जब पुलिस को अदालत का आदेश मिला. अधिकारियों ने पुष्टि की कि कार्रवाई न्यायिक निर्देश के पालन में की गई.
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किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 351(3) और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराएं 3, 4(2), 6, 16, 17 और 51 के तहत दर्ज की गई है. शिकायत में नाबालिगों के साथ यौन अपराधों के गंभीर आरोप शामिल हैं. आदेश विशेष न्यायाधीश (POCSO) विनोद कुमार चौहानिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका सुनने के बाद दिया. अपने निर्णय में अदालत ने शिकायत, दो कथित पीड़ितों के बयान, स्वतंत्र गवाहों की गवाही और प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट का हवाला दिया.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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