1. home Home
  2. national
  3. sushant singh rajput case america help cbi to investigate the case pkj

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच में अब अमेरिका करेगा मदद, डिजिटल फुटप्रिंट से खुलेगा राज ?

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन सभी डिलीट किए जा चुके डेटा को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है. सीबीआई ने इस मामले में कई राज का पता लगा लिया है लेकिन उन्हें शक है कि डिलीट किये गये सोशल मीडिया पोस्ट और ईमेल में उन्हें अहम सुराग मिल सकते हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
sushant singh rajput case
sushant singh rajput case
file

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद जांच एजेंसिया यह पता लगाने में लगी हैं कि इसके पीछे कौन- कौन से राज छिपे हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) अब इस मामले में उन डिजिटल फुटप्रिंट भी पहचान करने के फिराक में है जो मिटाये जा चुके हैं. इस संबंध में सीबीआई ने अमेरिका से मदद मांगी है.

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन सभी डिलीट किए जा चुके डेटा को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है. सीबीआई ने इस मामले में कई राज का पता लगा लिया है लेकिन उन्हें शक है कि डिलीट किये गये सोशल मीडिया पोस्ट और ईमेल में उन्हें अहम सुराग मिल सकते हैं. सीबीआई इस मामले में 14 जून 2020 को क्या हुआ था यह जानना चाहती है. इसी दिन सुशांत सिंह अपने घर में मृत मिले थे.

सीबीआई अमेरिका से यह उम्मीद इसलिए कर रहा है क्योंकि एमएलएटी यानी म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी हुई है. इसके तहत कैलिफोर्निया स्थित गूगल और फेसबुक से भी मांगी गयी है. दोनों कंपनियों से डिलीट किए जा चुके मेल और चैट की सभी जानकारियां मांगी जा रही हैं.

अमेरिका और भारत दोनों घरेलू मामलों की जांच में जानकारी मांग सकते हैं. इस तरह की किसी भी जानकारी या सहयोग के लिए भारत में गृह मंत्रालय एमएलएटी के तहत जाना पड़ता है. अमेरिका में भी इस तरह की एटॉर्नी जनरल का दफ्तर है.

सीबीआई इस केस की लगातार जांच कर रही है. एक अधिकारी ने बताया है कि वह इन मामलों की जांच के लिए यह अहम सुराग हो सकता है. इसमें डिलीट की हुई चैट या पोस्ट इस पूरे मामले को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है.

सुशांत सिंह राजपूत के निधन से जुड़ी जांच कब खत्म हो गयी ? यह बड़ा सवाल है लेकिन अमेरिका से मांगी गयी मदद से यह साफ है कि इसमें अभी और वक्त लगेगा क्योंकि इसकी जानकारी हासिल करने में वक्त लगता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने अगस्त 2020 में इस मामले की जांच संभाली थी। इस केस की जांच में प्रवर्तन निदेशालय और एनसीबी भी जुड़ी हुई हैं.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें