Hijab Controversy: हिजाब विवाद मामले में SC ने फैसला रखा सुरक्षित, इन छात्राओं ने दायर की थी याचिका

राज्य सरकार ने हिजाब प्रतिबंध विवाद में किसी भी धार्मिक पहलू को नहीं छुआ है और यह प्रतिबंध केवल कक्षा तक सीमित है. राज्य सरकार ने कहा कि यहां तक कि कक्षा के बाहर स्कूल परिसरों में भी हिजाब पर प्रतिबंध नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर आदेश को सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले, कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए स्कूलों में ड्रेस कोड को फैलो करने की बात कही थी. कोर्ट ने कहा था कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में हिसाब पहनने की इजाजत नहीं दी जा सकती, जिसके बाद कॉलेज की 6 मुस्लिम छात्राओं ने कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध हटाने से इनकार करने वाले कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. राज्य सरकार की ओर से ही पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं का पूरा मामला एक अधिकार पर आधारित है और उनका दावा है कि यह एक पूर्ण अधिकार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य ने किसी भी धार्मिक गतिविधि को न तो प्रतिबंधित किया है और न ही बढ़ावा दिया है.
गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया था कि राज्य सरकार ने हिजाब प्रतिबंध विवाद में किसी भी धार्मिक पहलू को नहीं छुआ है और यह प्रतिबंध केवल कक्षा तक सीमित है. राज्य सरकार ने कहा कि यहां तक कि कक्षा के बाहर स्कूल परिसरों में भी हिजाब पर प्रतिबंध नहीं है. राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जोर देकर कहा था कि राज्य ने केवल यह कहा है कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों के लिए वर्दी निर्धारित कर सकते हैं, जिसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है.
महाधिवक्ता ने पीठ से कहा था कि हम स्कूल के बाहर हिजाब पहनने पर प्रतिबंध नहीं लगाते. स्कूल परिसर में भी कोई प्रतिबंध नहीं है. प्रतिबंध केवल कक्षा के अंदर है. उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि राज्य ने किसी भी धार्मिक गतिविधि को न तो प्रतिबंधित किया है और न ही बढ़ावा दिया है.
(भाषा- इनपुट के साथ)
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By Piyush Pandey
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