VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी मामले में सभी याचिकाएं खारिज की

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Apr 2024 11:20 AM

विज्ञापन

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी मामले में सभी याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दी है.

विज्ञापन

VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं. सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम से डाले गए वोटों का वीवीपीएटी से पूर्ण पुन:सत्यापन कराने संबंधी याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया और याचिकाएं खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि ईवीएम के माध्यम से डाले गए वोटों का वीवीपीएटी से पुन: पूर्ण सत्यापन कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सहमति वाले दो फैसले हैं. मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ सद्भावना बनाना है और मतदान प्रक्रिया पर आंख मूंदकर अविश्वास करना अनुचित संदेह को जन्म दे सकता है.

Read Also : VVPAT: EVM वीवीपीएटी वोट वेरिफिकेशन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

ये फैसला जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने सहमति से दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर से मतदान की वापसी की याचिका की प्रार्थना भी खारिज करने का काम किया. न्यायमूर्ति खन्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें दोबारा मतपत्रों से चुनाव कराने की प्रकिया पुन: अपनाने का अनुरोध करने वाली याचिका भी शामिल है.

क्या है वीवीपीएटी जानें

वीवीपीएटी की बात करें तो ये एक स्वतंत्र वोट सत्यापन प्रणाली है. इसके जरिए वोट देने वाला यह जान सकता है कि उनका वोट उसी व्यक्ति को गया है या नहीं, जिसे उसके द्वारा वोट दिया गया है.

कैसे करता है काम

वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इस प्रणाली को यूज में लाया गया. ये मशीन EVM से कनेक्ट नजर आती है. जैसे ही मतदाता वोट डालता है, वैसे ही एक पर्ची निकलती है. इस पर्ची की बात करें तो इसमें उस उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह होता है, जिसे उसने अपना कीमती वोट दिया है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola