सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: मतदाता सूची से नाम कटा, फिर भी राशन का हक नहीं छिनेगा

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सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

क्या वोटर लिस्ट से नाम हटते ही राशन मिलना भी बंद हो जाएगा? यदि आपके मन में भी ये सवाल है तो बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा नहीं है.

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सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से हट भी जाता है, तब भी वह राशन जैसी सरकारी सुविधाओं का हकदार रहेगा. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल के मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई के दौरान की. साथ ही, राशन से जुड़े मामले में उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 जुलाई) को मौखिक रूप से कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जिन लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, वे राशन जैसी सरकारी सुविधाओं के हकदार बने रहेंगे. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ पश्चिम बंगाल के मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

मोहिबुल्ला मंडल ने कोर्ट से क्या की थी मांग?

मोहिबुल्ला मंडल ने अदालत से मांग की थी कि राज्य सरकार के जून में जारी उस आदेश पर रोक लगाई जाए, जिसके तहत वोटर लिस्ट से नाम हटने पर राशन कार्ड रद्द करने, निलंबित करने या राशन की आपूर्ति रोकने की बात कही गई थी. उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि जब तक वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ उनकी अपील पर अपीलीय ट्रिब्यूनल कोई फैसला नहीं दे देता, तब तक उन्हें राशन मिलता रहे.

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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि राशन से जुड़े इस मामले के लिए याचिकाकर्ता पहले हाईकोर्ट का रुख करें. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकता को लेकर चल रही प्रक्रिया का असर सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम रहने या चुनाव में हिस्सा लेने के अधिकार पर पड़ता है. इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति राशन जैसी अन्य सरकारी सुविधाओं का हक तुरंत खो देता है.


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अमिताभ कुमार

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By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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