जब सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ अस्पताल के फर्श पर सोए

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 Aug 2024 11:53 AM

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DY Chandrachud

सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान एक किस्सा शेयर किया जब वे अस्पताल की फर्श पर सोए थे.

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सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले संबंधी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की. इस दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अपनी एक आपबीती शेयर की. उन्होंने कहा कि वह एक बार एक सार्वजनिक अस्पताल के फर्श पर सोए थे, जब उनके एक रिश्तेदार की तबीयत खराब थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रभावित हो रहा है. मरीज और उसके परिजन आपका इंतजार कर रहे हैं. आपकी ओर उम्मीद भरी निगाह से देख रहे हैं. डॉक्टरों को काम पर लौटना होगा.

सुनवाई के दौरान क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

  1. सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सक संगठनों को आश्वासन दिया कि नेशनल टास्क फोर्स सभी हितधारकों की बात सुनेगा.
  2. सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा कि वह सरकारी अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों के प्रति सहानुभूति रखता है.
  3. एम्स नागपुर के रेजिडेंट चिकित्सकों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कोलकाता में डॉक्टर से दुष्कर्म एवं उसकी हत्या के मामले के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.
  4. सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से पहले काम पर लौटने को कहा और एम्स नागपुर के वकील को आश्वासन दिया कि उनके काम पर लौटने के बाद कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी.
  5. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर डॉक्टर काम नहीं करेंगे तो जन स्वास्थ्य ढांचा कैसे चल पाएगा?

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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