ePaper

Corona Vaccine: भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर आयी बड़ी खबर, इस महीने शुरू होगा रूसी वैक्सीन का ट्रायल

Updated at : 07 Sep 2020 9:27 PM (IST)
विज्ञापन
Corona Vaccine: भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर आयी बड़ी खबर, इस महीने शुरू होगा रूसी वैक्सीन का ट्रायल

Corona Vaccine: भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर रूस से अच्छी खबर आ रही है. स्पुतनिक वी (Sputnik-V) वैक्सीन के ट्रायल भारत सहित कई देशों में इस महीने शुरू हो जायेंगे.

विज्ञापन

Corona Vaccine,coronavirus vaccine, corona cases in india: भारत में कोरोनावायरस हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कोरोना संक्रमण मामलों के लिहाज से भारत अब दुनिया का दूसरे सर्वाधिक प्रभावित देश बन चुका है. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 90 हजारा से ज्यादा मामाले आये हैं, वहीं अब तक इस महामारी से 70 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच सभी को इसके वैक्सीन का इंतजार हैं. इसी बीच भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर रूस से अच्छी खबर आ रही है.

रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के सीईओ किरिल दिमित्रिक ने कहा है कि कोरोनोवायरस के लिए स्पुतनिक वी (Sputnik-V) वैक्सीन के ट्रायल भारत सहित कई देशों में इस महीने शुरू हो जायेंगे. दिमित्रिक के अनुसार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फिलीपींस, भारत और ब्राजील में इस महीने स्पुतनिक वी वैक्सीन के ट्रायल शुरू होंगे. उन्होंने कहा कि फेज-3 परीक्षण के प्रारंभिक परिणाम अक्टूबर-नवंबर 2020 में प्रकाशित किए जाएंगे. बता दें कि रूस इसी हफ्ते से कोरोना वायरस वैक्सीन स्पूतनिक-वी को आम जनता के लिए उपलब्ध कराने जा रहा है.

Also Read: Sushant Singh Rajput Case: सुशांत मामले में आया नया मोड़, अपने बयान से मुकरे दो आरोपी

बता दें कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने 11 अगस्त को इस वैक्सीन को लॉन्च किया था. 11 अगस्त को, स्पूतनिक वी वैक्सीन आरडीआईएफ और गेमालेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था जो रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पंजीकृत था और COVID-19 के खिलाफ दुनिया का पहला पंजीकृत वैक्सीन बन गया.

गौरतलब है कि कोरोना के रूसी टीके स्पूतनिक वी (Sputnik V) के कम संख्या में मानवों पर किए गए परीक्षणों में कोई गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला परिणाम सामने नहीं आया है और इसने परीक्षणों में शामिल किए गए सभी लोगों में ‘ऐंटीबॉडी’ भी विकसित की. द लांसेट जर्नल में शुक्रवार को प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया है. रूस ने पिछले महीने इस टीके को मंजूरी दी थी जिसके बाद दुनियाभर, खासकर पश्चिम में इसे लेकर सवाल किया गया था.

Posted by : Rajat Kumar

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola