Video: क्या सोनिया गांधी ने पूरा वंदे मातरम को गाने से रोका? राहुल भी रहे मौजूद, BJP के आरोप पर कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गायन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी. फोटो- स्क्रीनग्रैब.
दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम के दौरान असमंजस की स्थिति बनी. राहुल गांधी और सोनिया गांधी के इशारे के बावजूद पूरा गीत गाया गया. बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने सफाई दी है.
Vande Mataram: स्वतंत्रता दिवस 2026 को लाल किले से पहली बार राष्ट्रगीत- वंदे मातरम का पूरा गायन-वादन हुआ. वहीं दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भी ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ. लेकिन वंदे मातरम के पूरे गायन को लेकर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई. कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम शुरू किया तो उन्होंने इसे दो अंतरे के बजाय पूरा गाया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखा कि मौके पर मौजूद राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने गायन को बीच में रोकने के लिए इशारा भी किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने गीत जारी रखा और पूरा वंदे मातरम गाया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम में आमतौर पर वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाते हैं. लेकिन इस दौरान गायक दल ने वंदे मातरम का पूरा गायन किया. पहले दो पारा के बाद, जब तीसरे की शुरुआत हुई, तो सोनिया गांधी इसे रोकने का इशारा करतीं नजर आईं. इसके बाद उनके बगल में खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी कुछ इशारा करने लगे.
घटना के दौरान कांग्रेस नेताओं के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत होती दिखाई दी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को समझाते हुए वंदे मातरम का गायन पूरा करवाया. रिपोर्ट के अनुसार, गायन समाप्त होने के बाद भी राहुल गांधी और सोनिया गांधी, लालजी देसाई के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करते नजर आए. इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. आप भी देखें-
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. बीजेपी नेता शहनवाज हुसैन ने एनडीटीवी से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को रोकने की कोशिश किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी वंदे मातरम के गायन को रोकने की घटनाएं हुई थीं. शहनवाज हुसैन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की लाल किले पर मौजूदगी नहीं होने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया. दरअसल कांग्रेस स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले का फिर से बहिष्कार किया और अपने कार्यालय में झंडा फहराया. लेकिन यहां भी विवाद की स्थिति बन गई.
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कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज, जयराम रमेश ने दी सफाई
बीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस की ओर से सफाई सामने आई. एनडीटीवी की ही रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने वंदे मातरम को लेकर किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वहां कोई विवाद नहीं हुआ था. जयराम रमेश के मुताबिक, सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कुर्सी देने के लिए कह रही थीं, क्योंकि खरगे काफी देर से खड़े थे. हालांकि, घटना के वीडियो और सामने आए बयानों के बाद अब यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है.
राष्ट्रगीत को जानबूझकर रोकने पर हो सकती है सजा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है. अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है. संसद के दोनों सदनों से पारित इस संशोधन के तहत अब ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर रोकना, उसमें बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध होगा. यह प्रावधान मौजूदा कानून में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए लागू व्यवस्था के अनुरूप किया गया है.
नए प्रावधान के मुताबिक, ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर बाधित करने या इसके सम्मान का अपमान करने पर अधिकतम तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. इस तरह राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान के समान वैधानिक सुरक्षा प्राप्त होगी. यह संशोधन 1971 के राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के दायरे को बढ़ाता है, जिसके तहत पहले राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान से जुड़े अपमान को दंडनीय बनाया गया था.
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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.
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