रईसजादे ने 5 करोड़ की गाड़ी से 6 को रौंदा, पुलिस ने लैंबोर्गिनी पर चढ़ाया कवर

कानपुर में रेव 3 के पास कई लोगों को टक्कर मारने वाली लेम्बोर्गिनी
कानपुर के वीआईपी रोड पर रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया. तंबाकू कारोबारी के बेटे की लैंबोर्गिनी कार तेज रफ्तार में ऑटो और बुलेट से टकरा गई. टक्कर के बाद कार बेकाबू होकर फुटपाथ पर चढ़ गई जिससे गाड़ी में बैठे लोगों के साथ-साथ चार अन्य लोग घायल हो गए.
हादसे में चमनगंज के रहने वाले तौफीक अहमद के पैर में गंभीर चोट आई, जो फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे थे. बुलेट सवार खलासी लाइन के रहने वाले विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी भी घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर भीड़ जुट गई.
बाउंसरों ने लोगों को हटाया, शीशा तोड़कर निकाला ड्राइवर
लोगों ने कार को घेर लिया, तभी लैंबोर्गिनी के पीछे चल रही कार से आए बाउंसरों ने धक्कामुक्की कर भीड़ को हटाया. बॉडीगार्ड्स ने ईंट से कार का शीशा तोड़ा और ड्राइवर को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया. ड्राइवर की ओर से दावा किया गया कि उसे दौरा आने के कारण हादसा हुआ.
नंबर प्लेट छिपाने की कोशिश का आरोप
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ सुरक्षा कर्मियों ने कार मालिक की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश भी की. लोग कार की फोटो और वीडियो बनाते रहे. सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने घायल तौफीक अहमद को उर्सला अस्पताल भेजा और लैंबोर्गिनी कार को थाने ले गई.
थाने में कार देखने उमड़ी भीड़, पुलिस ने ढकवाया कवर

थाने में खड़ी करोड़ों रुपये की लग्जरी कार को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे. पुलिस ने कार पर कवर डलवा दिया. डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी विवादों में रहा कारोबारी परिवार
आर्यनगर के रहने वाले केके मिश्रा बंशीधर श्रीराम फर्म के नाम से तंबाकू का बड़ा कारोबार करते हैं. उनके बेटे शिवम मिश्रा पहले भी अपनी महंगी गाड़ियों और शौक के कारण चर्चा में रहे हैं. मार्च 2024 में इनकम टैक्स ने कानपुर, गुजरात और दिल्ली के ठिकानों पर 5 दिन तक छापेमारी कर 70 से 80 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया था.
आयकर छापे में करोड़ों की बरामदगी
छापेमारी के दौरान करीब 70 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ियां, साढ़े 12 करोड़ रुपये की पांच महंगी घड़ियां, साढ़े चार करोड़ रुपये कैश और करीब ढाई करोड़ रुपये के ज्वेलरी जब्त किए गए थे. इसके अलावा 17 संपत्तियों के डॉक्युमेंट्स और 6 शेल कंपनियों (ऐसी कंपनी जिनका ऐक्टिव बिजनेस नहीं हूत है) का भी खुलासा हुआ था. अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों के जरिए कथित तौर पर काले धन को सफेद किया जाता था, जबकि आयकर रिटर्न में सालाना केवल ढाई से तीन करोड़ रुपये की आय दिखाई जाती थी.
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लेखक के बारे में
By Nishant Kumar
Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.
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