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‘एयर इंडिया,रेलवे, एलआईसी और काफी कुछ बाज़ार में, बहुत बड़ा सेल लगा है’, मोदी सरकार पर शिवसेना का कटाक्ष

Updated at : 17 Sep 2020 10:49 AM (IST)
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‘एयर इंडिया,रेलवे, एलआईसी और काफी कुछ बाज़ार में, बहुत बड़ा सेल लगा है’, मोदी सरकार पर शिवसेना का कटाक्ष

शिवसेना (shiv sena) ने एक बार फिर मोदी सरकार (modi govt) पर जोरदार हमला किया है. राज्यसभा (rajya sabha) में पार्टी सांसद संजय राउत (sanjay raut) ने कहा कि देश की आर्थिक हालत बहुत गंभीर है. देश की अब स्थिति ऐसी है कि हमारी जीडीपी (gdp) और हमारा आरबीआई (rbi) भी कंगाल हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में सरकार एयर इंडिया,रेलवे, एलआईसी और काफी कुछ बाज़ार में बेचने के लिए लाया है बहुत बड़ा सेल लगा है अब इस सेल में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट को भी खड़ा कर दिया है.

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शिवसेना ने एक बार फिर मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया है. राज्यसभा में पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा कि देश की आर्थिक हालत बहुत गंभीर है. देश की अब स्थिति ऐसी है कि हमारी जीडीपी और हमारा आरबीआई भी कंगाल हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में सरकार एयर इंडिया,रेलवे, एलआईसी और काफी कुछ बाज़ार में बेचने के लिए लाया है बहुत बड़ा सेल लगा है अब इस सेल में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट को भी खड़ा कर दिया है.

शिवसेना ने गुरुवार को सरकार से मांग की कि वह लाभकारी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट का निजीकरण नहीं करे. शिवसेना के संजय राउत ने शून्यकाल में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के निजीकरण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी व कोविड—19 महामारी के कारण देश की आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है. हमारी जीडीपी और हमारा रिजर्व बैंक भी खस्ताहाल हो गया है.

आगे राउत ने कहा कि यही वजह है कि आज रेलवे, एलआईसी, एयर इंडिया का निजीकरण किया जा रहा है. जेएनपीटी एक लाभकारी उपक्रम है और सरकार को 30 फीसदी से अधिक मुनाफा देता है. सरकार इसके निजीकरण पर विचार कर रही है. इसके निजीकरण का मतलब राष्ट्रीय संपत्ति को गहरा नुकसान होना है. युद्ध के दौरान नौसेना के बाद इस बंदरगाह ने साजोसामान की ढुलाई में भी अहम भूमिका निभाई है.

शिवसेना नेता ने कहा कि इस पोर्ट ट्रस्ट के निजीकरण का मतलब है 7000 एकड जमीन को निजी हाथों में दे देना. इससे बेरोजगारी भी बढेगी क्योंकि निजीकरण होने पर सबसे पहले कामगारों की छंटनी होगी. यह एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी यह खास है.

आपको बता दें आज मॉनसून सत्र का चौथा दिन है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा के बाद आज भारत-चीन सीमा पर जारी विवाद को लेकर राज्यसभा में बयान दे सकते हैं. इसे लेकर विपक्ष के हंगामे के आसार लग रहे हैं. विपक्ष द्वारा चार प्रमुख विषयों- माल और सेवा कर (जीएसटी), नौकरियां और अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और पर्यावरण प्रभाव आकलन मानदंडों मसौदा पर संसद में मांग की गई बहस के लिए तैयार हो गई है. वहीं बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह आज संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे.

Posted By : Amitabh Kumar

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