राष्ट्रद्रोह का आरोप झेल रहे शरजील इमाम के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में किया पत्रकार अर्नब गोस्वामी का जिक्र

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 01 May 2020 3:25 PM

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sharjeel imam : सुप्रीम कोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र और CAA विरोधी कार्यकर्ता शरजील इमाम की याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली सरकार से जवाब मांगा. शरजील ने कथित भड़काऊ भाषणों के कारण उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह के आरोप लगाने वाली सभी प्राथमिकी को एकसाथ करने का अनुरोध किया है. शरजील इमाम के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार Arnab Goswami के case का जिक्र किया.

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सुप्रीम कोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र और सीएए विरोधी कार्यकर्ता शरजील इमाम की याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली सरकार से जवाब मांगा. शरजील ने कथित भड़काऊ भाषणों के कारण उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह के आरोप लगाने वाली सभी प्राथमिकी को एकसाथ करने का अनुरोध किया है.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से शरजील की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार को 10 दिन के भीतर इस पर जवाब देने का निर्देश दिया. शरजील की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिये गये दो भाषणों के संबध में अलग अलग राज्यों में पांच मामले दर्ज हैं.

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पीठ ने कहा कि पुलिस को अगर किसी संज्ञेय अपराध के बारे में जानकारी मिलती है तो उसमें प्राथमिकी दर्ज करने में कुछ भी गलत नहीं है. दवे ने वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी के मामले में शीर्ष अदालत के 24 अप्रैल के आदेश का जिक्र किया जिसमें कोर्ट ने एक मामले को छोड़ उनके खिलाफ दायर तीन प्राथमिकी और 11 शिकायतों पर रोक लगा दी थी. उन्होंने कहा कि इसी तरह की राहत उन्हें भी दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि शरजील इमाम के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश में मामले दर्ज किये गये हैं और उन पर राष्ट्रद्रोह का आरोप है. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत भी मामला दर्ज किया है.

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पीठ ने दवे से कहा कि वह अपनी याचिका की एक प्रति दिल्ली सरकार के स्थाई वकील को सौंपे और इसके साथ ही इस मामले को दस दिन बाद आगे सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दिया. शरजील इमाम ने अपनी याचिका में विभिन्न राज्यों में दर्ज सभी पांच प्राथमिकी एक में मिलाने और इसकी जांच दिल्ली की एक एजेन्सी को सौंपने का अनुरोध किया है. शरजील इमाम को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 28 जनवरी को बिहार के जहानाबाद से राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के इतिहास अध्ययन केन्द्र से पीएचडी कर रहे शरजील के नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान कथित भड़काऊ भाषणों के वीडियो सामने आने के बाद उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह और दूसरे आरोपों में मामला दर्ज किया गया था. शरजील के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 25 जनवरी को भारतीय दंड सहिता की धारा 124ए (राष्ट्रद्रोह) और धारा 153ए (जाति, धर्म, वर्ण और आवास के आधार पर कटुता पैदा करने के प्रयास) सहित कई अन्य आरापों में मामला दर्ज किया था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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