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महाराष्ट्र का संकट : शरद पवार ने कहा-देशमुख अस्पताल में थे, भाजपा ने जारी किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
दिल्ली में अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते शरद प्रवार.
दिल्ली में अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते शरद प्रवार.
फोटो : ट्विटर.

नई दिल्ली : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को एक बार फिर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का बचाव किया है. नई दिल्ली में अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि फरवरी में सचिन वाजे की अनिल देशमुख के साथ बातचीत नहीं थी. उन्होंने इस तरह के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि फरवरी में उन दोनों के बीच बात नहीं हुई है. इस प्रकार का आरोप गलत है. उधर, भाजपा ने देशमुख का एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसे कथित तौर पर 15 फरवरी का बताया जा रहा है.

पवार ने आगे कहा कि कोरोना से पॉजिटव होने के कारण अनिल देशमुख फरवरी के दौरान अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते देशमुख 5 से 16 फरवरी तक नागपुर के अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा कि इसके बाद 16 से 27 फरवरी तक वे आइसोलेशन में थे. पवार ने मीडिया के लोगों को अस्पताल की वह पर्ची भी दिखाई.

शरद पवार ने कहा कि अगर आप पूर्व आयुक्त की चिट्ठी को देखेंगे, तो उन्होंने उसमें फरवरी के मध्य की चर्चा की है, जिसमें उन्होंने उस ऑफिसर का जिक्र किया है, जिसे गृह मंत्री का निर्देश मिला था. उन्होंने कहा कि देशमुख 6 से 16 फरवरी तक अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा कि पूर्व कमिश्नर के पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि फरवरी महीने में उन्हें कुछ अधिकारियों से गृह मंत्री के फलां निर्देशों की जानकारी मिली थी, 6 से 16 फरवरी तक देशमुख कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती ​थे.

उन्होंने अनिल देशमुख के इस्तीफे की बात को लेकर कहा कि अभी जांच चल रही है. यह मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वे क्या कदम उठाएंगे, लेकिन देशमुख पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत है. देशमुख के इस्तीफे की कोई बात ही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पत्र के जरिए मुख्य मुद्दे को भटकाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक मेरे पास जो दस्तावेज और सूचनाएं आई हैं, उसके बाद मैंने ये बातें कही है.

उन्होंने यह भी कहा कि आरोप वे लोग लगा रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. आगे जो कुछ करना है, वह सरकार को करना है. उन्होंने कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और इस बारे में मुख्यमंत्री को ही फैसला लेना है.

लोकसभा में की गई देशमुख के इस्तीफे की मांग

उधर, लोकसभा में भाजपा सदस्यों ने महाराष्ट्र के एक पुलिस अधिकारी द्वारा राज्य के गृह मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुद्दा सोमवार को उठाया और इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की. भाजपा सांसदों ने जहां इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया, वहीं शिवसेना और कांग्रेस ने केंद्र पर महाराष्ट्र सरकार को गिराने का प्रयास करने का इल्जाम लगाया.

शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए भाजपा के मनोज कोटक ने कहा कि महाराष्ट्र में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वहां के गृह मंत्री के खिलाफ वसूली संबंधी गंभीर आरोप लगाए हैं और मुख्यमंत्री ने अभी तक इस मामले में एक भी शब्द नहीं बोला. मुंबई से लोकसभा सदस्य कोटक ने दावा किया कि महाराष्ट्र के लोगों में धारणा है कि सरकार का इस्तेमाल व्यापारियों को डराने के लिए हो रहा है तथा इसमें अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए और महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.

भाजपा नेता ने जारी किया देशमुख का वीडियो

उधर, एंटीलिया मामले में शरद पवार के मीडिया संबोधन के दौरान भाजपा के नेता अमित मालवीय की ओर से अनिल देशमुख का एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो के बारे में भाजपा नेता की ओर से कथित तौर पर यह आरोप लगाया गया कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री का यह कथित वीडियो 15 फरवरी का है. भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में लिखा है कि शरद पवार का दावा है कि अनिल देशमुख 5 से 15 फरवरी को अस्पताल में थे और 16 से 17 फरवरी को आइसोलेशन में थे, लेकिन अनिल देशमुख ने 15 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया था.

Posted by : Vishwat Sen

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