सीमा हैदर की वजह से हिंदू खतरे में! पाकिस्तान में तीन हिंदू बहनों का अपहरण, मुस्लिम से जबरन विवाह

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 21 Jul 2023 6:01 PM

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पाकिस्तान के दारेवार इतेहाद के प्रमुख शिव काच्ची ने दावा किया कि सीमा हैदर से जुड़ी घटना के बाद से क्षेत्र में हिंदू समुदाय पर हमले की घटनाएं बढ़ गयी हैं.

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पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब जो खबर सामने आयी है उसकी चर्चा जोरों पर हो रही है. दरअसल पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में तीन हिंदू बहनों को किडनैप कर लिया गया. इतना ही नहीं उन्हें जबरन मुसलमान बनाया गया और निकाह करने के लिए मजबूर किया गया. घटना पाकिस्तान के सिंध प्रांत की बतायी जा रही है.

जो जानकारी सामने आयी है उसके अनुसार, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहने वाले एक हिंदू उद्यमी की तीन बेटियों का अपहरण कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. इसके बाद उनका विवाह मुसलमान पुरुषों के साथ जोर जबरदस्ती से करा दिया गया. देश में अल्संख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एक शीर्ष संस्था की ओर से उक्त बातें बताई गयी है.

पाकिस्तान के दारेवार इतेहाद के प्रमुख शिव काच्ची ने मामले को लेकर बताया कि घटना सिंध प्रांत के धारकी इलाके की है. हिन्दू उद्यमी लीलाराम की बेटियों- चांदनी, रोशनी और परमेश कुमारी का पहले अपहरण किया गया और फिर जबरन उनसे इस्लाम कबूल कराने का काम किया गया. यह धर्म परिवर्तन पीर जावेद अहमद कादरी ने कराया और फिर उन लड़कियों का विवाह मुसलमान पुरुषों के साथ करा दिया गया.

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सीमा हैदर की वजह से पाकिस्तान में हिंदुओं की मुश्किलें बढ़ी

आगे शिव काच्ची ने बताया कि उनके संगठन के मंच से बार-बार अपील और अनुरोध करने के बावजूद हिन्दू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन लगातार जारी है. हिंदुओं पर अत्याचार के मामले कम नहीं हो रहे हैं. पुलिस तथा प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. उन्होंने बताया कि तीनों बहनों का विवाह उनका अपहरण करने वाले पुरुषों के साथ करा दिया गया है.

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काच्ची ने दावा किया कि सीमा हैदर से जुड़ी घटना के बाद से क्षेत्र में हिंदू समुदाय पर हमले की घटनाएं बढ़ गयी हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान की रहने वाली व चार बच्चों की मां सीमा हैदर चुपके से भारत में दाखिल हो गयी थी ताकि वह सचिन मीणा नामक एक हिन्दू पुरुष के साथ रह सके. दोनों की दोस्ती ऑनलाइन गेमिंग से हुई जिसके बाद उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया.

सीमा हैदर मामले में जांच जारी

सीमा हैदर के मामले में विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर से जुड़े मामले में जांच चल रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया से इस बाबत बात की और कहा कि हमें इस मामले की जानकारी है. वह कोर्ट में उपस्थित हुई और उसे (सीमा हैदर) अदालत से जमानत मिल गयी है. अभी वह जमानत पर बाहर है. इधर, सीमा ने कहा है कि वह पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहती और अपने भारतीय प्रेमी सचिन मीणा के साथ रहना चाहती है.

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उल्लेखनीय है कि सीमा हैदर को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने पर चार जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था और सचिन को अवैध प्रवासी को शरण देने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था. दोनों को सात जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी थी और वे अपने चार बच्चों के साथ रबूपुरा इलाके के एक घर में रह रहे हैं.

मंदिर पर रॉकेट लॉन्चर से हमला

आपको याद हो तो पिछले दिनों डकैतों के एक गिरोह ने सिंध के काशमोर में हिंदू समुदाय के एक पूजा स्थल पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया था. इस संबंध में ‘दी डॉन’ वेबसाइट ने खबर दी थी और बताया था कि हमलावरों ने गौसपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक पूजा स्थल और आसपास के समुदाय के घरों पर हमला किया जिससे वहां के लोग दहशत में आ गये. डकैतों ने अंधाधुंध गोलीबारी की.

पाकिस्तान में कितने हिंदू

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं की आबादी पर नजर डालें तो साल 2022 में एक रिपोर्ट जारी की गयी थी. सेंटर फार पीस एंड जस्टिस की इस रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के 22 लाख 10 हजार 566 (22,10,566) लोग निवास करते हैं. हिंदुओं की यह संख्या देश की कुल पंजीकृत आबादी 18 करोड़ 68 लाख 90 हजार 601 (18,68,90,601) का केवल 1.18 प्रतिशत ही है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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