पीएम मोदी के कतर जाने से पहले भारत वापस लौटे सौरभ वशिष्ठ, बेटे से मिल मां के छलके आंसू

Dehradun: Retired Indian Navy captain Saurabh Vashishtha, who returned to India on Monday after being released from a Qatar jail, being welcomed by his family members upon his arrival at his home, in Dehradun, Tuesday, Feb. 13, 2024. Vashishtha along with seven other Navy veterans was handed down death sentence in a case of suspected espionage in Qatar. (PTI Photo)(PTI02_13_2024_000434B)
कतर की जेलों में बंद भारत के आठ पूर्व नौसैनिक सही सलामत वतन वापस लौट चुके है. सात भारतीय पहले ही भारत आ चुके थे. हर तरफ उनके आगमन पर खुशियां मनाई गई. बीते दिन मंगलवार को आठवां नागरिक सौरभ वशिष्ठ भी भारत वापस लौटा.
Qatar : कतर की जेलों में बंद भारत के आठ पूर्व नौसैनिक सही सलामत वतन वापस लौट चुके है. सात भारतीय पहले ही भारत आ चुके थे. हर तरफ उनके आगमन पर खुशियां मनाई गई. बीते दिन मंगलवार को आठवें नागरिक सौरभ वशिष्ठ भी भारत वापस लौटे. भारत आने के बाद वह अपने गृह राज्य उत्तराखंड पहुंचे तो उनके पूरे परिवार ने खुशियां मनाई. उनके परिवारवालों के चेहरे पर खुशियां साफ तौर पर दिख रही थी. देहरादून स्थित सौरभ वशिष्ठ के घर पर उनका फूल माला के साथ जोरदार स्वागत किया गया.
#WATCH | Uttarakhand | Saurabh Vashisht, one of the eight Indian Navy veterans released by Qatar, was warmly welcomed by his family in Dehradun on 13th February.
(Video Source: His family) pic.twitter.com/M6tVereJdr
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 14, 2024
सौरभ की रिहाई पर पूर्व नौसैनिक की पत्नी मनसा वशिष्ठ ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती. वह अनिश्चितता से भरा बेहद कठिन समय था.’’ साथ ही सौरभ की मां सुदेश वशिष्ठ ने कहा, ‘‘मेरी खुशी समुद्र या आकाश की तरह असीमित है.’’ बता दें कि उनके परिवार वालों के चेहरे पर खुशी साफ तौर पर झलक रही थी और आंखों में आंसू भी थे.
वहीं, पूर्व नौसैनिक सौरभ वशिष्ठ ने कहा कि मैं इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी और कतर के अमीर की उदारता के लिए धन्यवाद देता हूं, जिससे यह असंभव देखने वाला काम संभव हो पायी. मैं अपने माता-पिता, अपनी पत्नी और बच्चों के बीच वापस आकर बेहद खुश हूं. बता दें कि जासूसी के आरोप में सभी आठ भारतीय नागरिकों को कैद में लिया गया था.
कतर ने जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को रिहा कर दिया था और उनमें से सात बीते सोमवार को स्वदेश लौट आए. इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है जो कतर की अदालत द्वारा उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने के लगभग साढ़े तीन महीने बाद मिली है. इन लोगों की मौत की सजा को बाद में जेल की सजा में बदल दिया गया था.
सोर्स : भाषा इनपुट
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By Aditya kumar
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