बोले संबित पात्रा- पीएम मोदी के घर है 'EVM' मशीन, कांग्रेस की हार के लिए 'RBM' जिम्मेदार, समझाया पूरा मतलब

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Nov 2024 6:13 PM

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Sambit Patra,

Sambit Patra On Kharge: बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर पलटवार किया है. पात्रा ने कहा है कि कांग्रेस ईवीएम के कारण नहीं बल्कि RBM के कारण हार रही है. उन्होंने इसका पूरा अर्थ भी समझाया है.

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Sambit Patra On Kharge: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ईवीएम पर दिये बयान पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के घर एक ईवीएम है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक मशीन की तरह काम करते हैं. इसमें E-का मतलब है एनर्जी, V- का मतलब है विकास और M- का अर्थ है मेहनत. पीएम मोदी इसी EVM के सहारे काम करते हैं.

कांग्रेस पर साधा निशाना

सांसद संबित पात्रा ने इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस चुनाव हार रही है, इसका कारण आरबीएम है. उन्होंने इसका अर्थ समझाते हुए कहा कि आरबीएम का अर्थ है. R- राहुल B- बेकार M- मैनेजमेंट. बता दें, हाल के महाराष्ट्र विधानसभा में चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है. बीजेपी यहां बंपर वोटों से चुनाव जीती है.

‘ईवीएम पीएम मोदी और अमित शाह के घर रख दिया जाए’- खरगे

बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईवीएम और कथित रूप से चुनाव में धांधली को लेकर कहा था कि ‘ईवीएम पीएम मोदी और अमित शाह के घर रहने दें. खरगे ने कहा कि हमें बैलेट पेपर के लिए एक अभियान शुरू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी दलों को मिलकर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर बैलेट पेपर से चुनाव के लिए एक यात्रा निकालनी चाहिए.

ईवीएम पर कांग्रेस समेत कई दल उठा रहे हैं सवाल

बता दें, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस एक बार फिर ईवीएम पर मुखर हो गई है. खरगे समेत कई नेताओं ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं. चुनावी नतीजों के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी ईवीएम पर सवाल उठाये थे. इसी कड़ी में एनसीपी (शरद पवार) के नेताओं ने भी महाराष्ट्र चुनाव में मिली का ठीकरा ईवीएम पर ही फोड़ा.

सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुका है ईवीएम का मामला

ईवीएम का मामला सुप्रीम कोर्ट भी जा चुका है. याचिकाकर्ता ने भारत के कई वरिष्ठ नेताओं की टिप्पणी के साथ कोर्ट में दलील दी थी कि ईवीएम के इस्तेमाल को बंद कर चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हो. उनका तर्क था कि ईवीएम पर सवाल उठ रहे हैं और इसमें छेड़खानी की संभावना रहती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि जब जब राजनीतिक दल चुनाव जीत जाते हैं तो कोई सवाल नहीं उठता और जब हार जाते हैं तो EVM पर सवाल उठने लगते हैं.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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