Sambhal Mosque Violence : संभल हिंसा में कुल 4 एफआईआर दर्ज, 4 की मौत, इंटरनेट सेवा ठप
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 Nov 2024 10:29 AM
Sambhal mosque violence Photo
Sambhal mosque violence : संभल में किसी भी बाहरी के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है. इस बीच, विपक्षी दलों ने संभल में हुई हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया, जबकि सत्तारूढ़ दल ने पलटवार किया.
Sambhal mosque violence : संभल की जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर रविवार को किये जा रहे सर्वे का विरोध किया गया. प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए. इस दौरान 3 लोगों की मौत हो गई. हिंसा में 20 प्रशासनिक अधिकारी घायल हुए हैं. जिला मजिस्ट्रेट ने एक अधिसूचना जारी किया है. इसमें कहा गया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को प्रशासन के आदेश के बिना संभल में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है.
संभल हिंसा में कुल चार एफआईआर दर्ज
संभल में पथराव की घटना पर मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज जी ने कहा, ”मौजूदा स्थिति शांतिपूर्ण है. महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस तैनात की गई है. बीती रात हमने तीन मौतों की पुष्टि की थी, लेकिन आज मुरादाबाद में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया. कुल 4 मौतें हुई हैं. स्थिति को देखते हुए हम इंटरनेट सेवा बहाल कर देंगे. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. मैं संभल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं.
संभल हिंसा को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
यूपी में विपक्षी दलों ने संभल में हुई हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा है कि पार्टी ने अपनी नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए मस्जिद में सर्वे दल भेजा था. इस बीच बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही ‘इंडिया’ गठबंधन अशांति फैलाने का प्रयास कर रहा है.
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क्यों संभल में हुई हिंसा?
उत्तर प्रदेश के स्थानीय अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था. इसके बाद सर्वे के आदेश दिए गए. जिले के अधिकारियों ने कहा कि सर्वे मंगलवार को पूरा नहीं किया जा सका. आमतौर पर दोपहर में होने वाली नमाज में हस्तक्षेप से बचने के लिए रविवार सुबह सर्वे की योजना बनाई गई थी. सर्वे की टीम जब पहुंची तो लोगों ने उसपर पथराव कर दिया.

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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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