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‘डर्टी बम' फोड़कर रूस को उकसा सकता है यूक्रेन, रूसी रक्षा मंत्री ने राजनाथ सिंह के सामने जताई चिंता

Updated at : 26 Oct 2022 6:08 PM (IST)
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‘डर्टी बम' फोड़कर रूस को उकसा सकता है यूक्रेन, रूसी रक्षा मंत्री ने राजनाथ सिंह के सामने जताई चिंता

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु की चिंताओं का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट किया कि उन्होंने मुझे यूक्रेन में उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसमें 'डर्टी बम' के इस्तेमाल के जरिए संभावित उकसावे के बारे में उनकी चिंताएं भी शामिल थीं.

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नई दिल्ली : रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने बुधवार को फोन पर अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह से बातचीत की. इस टेलीफोनिक वार्ता के दौरान सर्गेई ने यूक्रेन के मौजूदा हालात से राजनाथ सिंह को अवगत कराया, जिसमें ‘डर्टी बम’ का इस्तेमाल करके उकसावे वाली कार्रवाई को लेकर चिंताएं शामिल हैं. भारत में रूसी दूतावास ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि 26 अक्टूबर को रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और राजनाथ सिंह ने यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की. सर्गेई शोइगु ने यूक्रेन द्वारा डर्टी बम के इस्तेमाल से संभावित उकसावे के बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराया.

मानवता के खिलाफ है परमाणु विकल्प : राजनाथ सिंह

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु की चिंताओं का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट किया कि उन्होंने मुझे यूक्रेन में उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसमें ‘डर्टी बम’ के इस्तेमाल के जरिए संभावित उकसावे के बारे में उनकी चिंताएं भी शामिल थीं. संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए मैंने बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भारत की स्थिति को दोहराया. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा परमाणु विकल्प का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि परमाणु या रेडियोलॉजिकल हथियारों के उपयोग की संभावना मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ जाती है.

डर्टी बम के विस्फोट की रूस को है जानकारी

टेलीफोन पर हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन में बिगड़ते हालात पर भी चर्चा की. इस बीच, परमाणु, जैविक और रासायनिक सुरक्षा बलों के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव द्वारा विकिरण सुरक्षा खतरों पर एक ब्रीफिंग में रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसे कीव शासन की तथाकथित ‘डर्टी बम’ या लो-पावर न्यूक्लियर वारहेड का विस्फोट करके उकसाने की योजना के बारे में जानकारी है.

सामूहिक विनाशक हथियार का इस्तेमाल कर सकता है यूक्रेन

लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उकसाने का उद्देश्य रूस पर यूक्रेनी पक्ष में सामूहिक विनाशक हथियार का उपयोग करने का आरोप लगाया जा है, जो मॉस्को में विश्वास को कम करने के लिए एक शक्तिशाली रूसी विरोधी अभियान शुरू करेगा. रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के संभावित उकसावे का मुकाबला करने की व्यवस्था की है. इसके तहत रेडियोधर्मी संदूषण के बीच काम करने के लिए साधनों और बलों को सतर्क कर दिया गया है.

क्या है डर्टी बम

इस बीच, अमेरिका और अन्य पश्चिमी अधिकारियों ने मास्को के इस दावे को खारिज कर दिया है कि यूक्रेन एक तथाकथित डर्टी बम का इस्तेमाल रूस के खिलाफ अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है. डर्टी बम एक विस्फोट में प्रसारित रेडियोधर्मी, जैविक या रासायनिक सामग्री से युक्त एक पारंपरिक बम है. डर्टी बम शब्द का इस्तेमाल अक्सर रेडियोलॉजिकल डिस्पर्सल डिवाइस (आरडीडी) के साथ किया जाता है.

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अपने ही क्षेत्र में डर्टी बम का इस्तेमाल की तैयारी में यूक्रेन

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीन अन्य परमाणु शक्तियों अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने एक संयुक्त बयान में पिछले रविवार को कहा कि रूस के दावे पूरी तरह झूठे थे. उन्हें और कीव को संदेह है कि रूस संभवतः मास्को के पारंपरिक परमाणु हथियारों के उपयोग को सही ठहराने के लिए अपने हमले में डर्टी बम का इस्तेमाल कर सकता है, क्योंकि यह खुद को पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में कमजोर पाता है. रूस ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर भी आरोप लगाया कि यूक्रेन अपने ही क्षेत्र में एक डर्टी बम का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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