1. home Hindi News
  2. national
  3. rules for prevention of corona infection are flying in the election meetings firs have been filed against these veteran leaders pkj

चुनावी सभाओं में नियमों की उड़ रही हैं धज्जियां, इन दिग्गज नेताओं पर हुआ एफआईआर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
कोरोना औऱ चुनावी सभा
कोरोना औऱ चुनावी सभा
टि्वटर से साभार

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अब भी कई तरह की पाबंदियां लगायी गयीं हैं लेकिन चुनाव प्रचार में सामाजिक दूरी के नियमों की उड़ रही धज्जियों पर कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाया है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बेलगाम रैली में कांग्रेस नेता कमलनाथ और भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.

कोर्ट ने क्या कहा

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, संविधान ने मतदाताओं को और उम्मीदवारों को अधिकार दिया है लेकिन इन अधिकारों के साथ- साथ लोगों को जीने का भी अधिकार है, स्वस्थ रहने का अधिकार. उम्मीदवारों के अधिकार से बड़ा लोगों के स्वस्थ रहने का अधिकार है.

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने चुनावी रैलियों में टूट रहे नियमों पर चिंता जाहिर करते हुए दतिया के भांडेर में कमलनाथ और ग्वालियर में नरेंद्र तोमर की रैली को अपना आधार बनाया है. इन रैलियों के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी की गयी गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया.

कलेक्टर से कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट 

नियमों के उल्लंघन को लेकर वकील आशीष प्रताप सिंह ने याचिका दायर की . इसके तहत कोर्ट ने कलेक्टर से इन रैलियों की रिपोर्ट भी मांगी है. जस्टिस शील नागू और जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने आदेश में कहा- राजनीतिक दलों की वर्चुअल मीटिंग अगर नहीं हो पा रही है तो ही सभा और रैलियां होंगी और इसके लिए भी चुनाव आयोग से इजाजत लेनी होगी.

कोर्ट ने बताया क्या है चुनावी सभा के नियम 

इस वक्त जब कोरोना संक्रमण का खतरा है नेताओं को उदारता औऱ जिम्मेदारी दिखानी चाहिए लेकिन उनके व्यवहार से ऐसा नजर नहीं आ रहा. सभाओं में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है. अगर वर्चुअल रैली नहीं हो पा रही है तो चुनाव आयोग से इजाजत लें साथ ही यह बतायें कि वर्चुअल रैली क्यों नहीं हो पा रही है. अगर उनके बताये गये कारण जायज लगेंगे तो उन्हें इजाजत मिलेगी इसके बाद ही सभा होगी.

चुनाव आयोग भी सभा में शामिल होने वालों की संख्या निर्धारित करेगा. इस तय संख्या के साथ ही रैली संभव होगी. साथ ही सभी के पास मास्क व सैनिटाइजर का खर्चा की दोगुनी राशि कैंडिडेट को कलेक्ट्रेट में जमा कराना होगा. साथ ही एक शपथ पत्र भी देना होगा.

चुनाव आयोग भी चिंतित

चुनाव आयोग भी राजनीतिक सभाओं में टूट रहे नियमों को लेकर चिंतित है, सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी एक परामर्श में निर्वाचन आयोग ने कहा है कि संबद्ध उम्मीदवारों एवं इस तरह के उल्लंघनों के लिये जिम्मेदार आयोजकों के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) तथा जिला मशीनरी (प्रशासन) से दंडनीय प्रावधान पर अमल की उम्मीद की जाएगी.

Posted By - Pankaj Kumar Pathak

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें