'जिन्होंने राम का विरोध किया…', जानें अब क्या बोले आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार

Edited by Amitabh Kumar
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Indresh Kumar/ pti photo

लोकसभा चुनाव में इस बार बीजेपी को अकेले बहुमत नहीं मिला जिसके बाद बयानबाजी का दौर जारी है. इस बीच आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान से राजनीति गरम हो चुकी है. जानें पूरा मामला

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आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के द्वारा लोकसभा चुनाव को लेकर दिए गए बयान की चर्चा खूब हो रही है, हालांकि उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी है. बीजेपी के चुनाव प्रदर्शन को अहंकार से जोड़ने वाली उनकी टिप्पणी पर विवाद खड़ा होने के बाद, इंद्रेश कुमार ने विवाद को कम करने की कोशिश की है और कहा है, जिन लोगों ने भगवान राम का विरोध किया था, वे हार चुके हैं. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में इस बार 240 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और पार्टी ने एनडीए सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई है.

इस बार के चुनाव में बीजेपी की सीटें साधारण बहुमत से 32 कम थीं. इस वजह से विपक्ष ने दावा किया कि जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के खिलाफ वोट किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद पहली बार बीजेपी लोकसभा में बहुमत के लिए अपने सहयोगियों पर निर्भर नजर आई. इंद्रेश कुमार ने कथित तौर पर पार्टी के खराब प्रदर्शन को ‘अहंकार’ से जोड़ने का काम किया था जिसके बाद राजनीतिक बवाल शुरू हो गया. हालांकि, इंद्रेश कुमार ने अब यू-टर्न ले लिया है, साथ ही सफाई भी दी है.

बयान पर बवाल के बाद क्या बोले इंद्रेश कुमार

अब आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा है कि इस समय देश का मूड बिल्कुल साफ नजर आ रहा है. भगवान राम का विरोध करने वाले सत्ता में नहीं हैं, जबकि जिन्होंने भगवान राम को अयोध्या में सम्मान के साथ स्थापित किया, वे सत्ता में हैं… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनी है.

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किस बयान पर हुआ था बवाल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इंद्रेश कुमार ने पहले कहा था कि जो पार्टी राम की पूजा करती थी, वह अहंकारी हो चुकी थी. ऐसे में वह इस बार के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन उभरी तो, लेकिन जो अकेले पूर्ण बहुमत लाना चाहिए था, वो ऐसा कर नहीं सकी. उसे भगवान राम ने अहंकार की वजह से रोक दिया. अपने इस बयान में हालांकि आरएसएस नेता ने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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