Rishi Sunak: 200 साल तक शासन करने वाले ब्रिटेन पर राज करेगा एक भारतवंशी, ऋषि सुनक ने रचा इतिहास

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Rishi Sunak: 200 साल तक शासन करने वाले ब्रिटेन पर राज करेगा एक भारतवंशी, ऋषि सुनक ने रचा इतिहास

Conservative Party leadership candidate Rishi Sunak leaves his home in London, Monday, Oct. 24, 2022. Former British Treasury chief Rishi Sunak is frontrunner in the Conservative Party’s race to replace Liz Truss as prime minister. AP/PTI(AP10_24_2022_000049B)

लिज ट्रस के महज 45 दिनों बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन में सियासी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. उसके बाद से ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गयी थी. उसके बाद जब बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद की रेस से खुद को अलग कर लिया, तो सुनक की जीत पक्की हो गयी.

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दीपावली के मौके पर भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर आयी. भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री होंगे. जिन अंग्रेजों ने भारत पर करीब 200 साल तक शासन किया, उसपर अब एक भारतवंशी राज करेगा. सुनक के प्रधानमंत्री बनने की घोषणा होने के साथ ही देशभर में खुशियां मनायी जाने लगी है.

बोरिस जॉनसन के हटने के साथ ही सुनक की दावेदारी हो गयी थी मजबूत

लिज ट्रस के महज 45 दिनों बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन में सियासी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. उसके बाद से ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गयी थी. उसके बाद जब बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद की रेस से खुद को अलग कर लिया, तो सुनक की जीत पक्की हो गयी. पूर्व प्रधानमंत्री जॉनसन ने यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग कर लिया कि वापसी के लिए यह सही समय नहीं है. अब महाराजा चार्ल्स III की मंजूरी मिलते ही सुनक ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री बन जायेंगे. ऐसी खबर है कि सुनक 28 अक्टूबर को पीएम पद की शपथ लेंगे.

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सुनक की क्या है योजना, पीएम बनने से पहले ही उन्होंने कर दी थी घोषणा

ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनने से पहले ही अपनी योजना बता दी थी. 42 वर्षीय पूर्व चांसलर ने कहा कि वह देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने, अपनी पार्टी को एकजुट करने और देश के लिए काम करना चाहते हैं. ऋषि सुनक ने कहा था, हम जानते हैं कि ब्रिटेन-भारत संबंध महत्वपूर्ण हैं. हम अपने दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु का प्रतिनिधित्व करते हैं. सुनक ने कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए उनका दृष्टिकोण ब्रिटेन के लिए भारत में चीजों को बेचने के मौके से परे रहा है और वह चाहते हैं कि ब्रिटेन भी भारत से सीखे. उन्होंने कहा था, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे छात्रों के लिए भी भारत की यात्रा करना और सीखना आसान हो, हमारी कंपनियों और भारतीय कंपनियों के लिए एक-दूसरे के साथ काम करना आसान हो क्योंकि यह केवल एकतरफा संबंध नहीं है, यह दो-तरफा संबंध है, और इस तरह का बदलाव मैं उस रिश्ते में लाना चाहता हूं.

लिज ट्रस से हार गए थे ऋषि सुनक

मालूम हो ऋषि सुनक पिछले महीने हुए पार्टी नेतृत्व पद के चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस से हार गए थे. ट्रस को 57.4 प्रतिशत और सुनक को 42.6 प्रतिशत मत मिले थे. ट्रस ने कंजरवेटिव पार्टी में अपने नेतृत्व के खिलाफ खुले विद्रोह के बाद सिर्फ 45 दिनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी थी.

कौन हैं ऋषि सुनक

पूर्व निवेश बैंकर और ऑक्सफोर्ड तथा स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्नातक ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथम्पटन में हुआ था. सुनक के पिता यशवीर सेवानिवृत्त डॉक्टर हैं जबकि उनकी मां ऊषा सुनक फार्मासिस्ट हैं. सुनक के दादा-दादी का जन्म पंजाब प्रांत में हुआ था. हालांकि सुनक के पिता का जन्म केन्या और मां तंजानिया में जन्मीं हैं. 2015 में यॉर्कशायर के टोरी गढ़ रिचमंड से संसद सदस्य चुने गए थे और फिर वह जल्द ही कनिष्ठ मंत्री से वित्त मंत्री के पद तक पहुंच गए. सुनक की दो बेटियां -कृष्णा और अनुष्का हैं. सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति तथा लेखक सुधा मूर्ति की बेटी हैं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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