Gujarat Election 2022: पत्नी रीवाबा के लिए प्रचार में जुटे रविंद्र जडेजा, बहन ने BJP पर साधा निशाना

Gujarat Election 2022: मशहूर क्रिकेटर रविंद्र जडेजा ने अपनी पत्नी रीवाबा जडेजा के लिए प्रचार किया. वहीं, उनकी बड़ी बहन नयनाबा जडेजा ने महंगाई और रोजगार की समस्या को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के लिए वोट मांगे.
Gujarat Election 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर मशहूर क्रिकेटर रविंद्र जडेजा ने अपनी पत्नी रीवाबा जडेजा के लिए प्रचार किया. वहीं, उनकी बड़ी बहन नयनाबा जडेजा ने बिपेंद्रसिंह जडेजा के लिए प्रचार करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. बताते चलें कि सहोदर भाई-बहन के बीच चुनावी प्रतिद्वंद्विता ने जामनगर नार्थ सीट पर चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है.
बीजेपी के एक रोड शो के लिए शहर के बाजार से एक खुली एसयूवी में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा के गुजरने के कुछ ही घंटे पहले उनकी बहन नयनाबा जडेजा ने महंगाई और रोजगार की समस्या को लेकर गुजरात में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के लिए वोट मांगे. उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक धर्मेंद्रसिंह जडेजा को टिकट नहीं दिया है. उन्हें स्थानीय स्तर पर हकुभा के नाम से जाना जाता है.
बीजेपी द्वारा रविंद्र जडेजा की पत्नी को अपना उम्मीदवार बनाए जाने के बाद, जामनगर नार्थ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं नयनाबा जडेजा अपनी पार्टी के लिए एक मुख्य प्रचारक के रूप में उभरी हैं. नयनाबा ने कहा कि मेरी अपनी विचारधारा है और उस पार्टी के साथ हूं जिसकी मैं सराहना करती हूं. उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर बीजेपी की आलोचना की और दावा किया कि यह लोगों से सिर्फ वादे करती है, लेकिन कभी उन्हें पूरा नहीं करती, चाहे वह रोजगार हो या शिक्षा हो.
ज्यादातर शहरी आबादी वाली इस सीट को कांग्रेस की तुलना में बीजेपी के लिए अधिक अनुकूल माना जा रहा है. जबकि, विपक्षी पार्टी कांग्रेस के समर्थकों का मानना है कि उनकी पार्टी आश्चर्यजनक परिणाम दे सकती है. नयनाबा ने कहा कि चूंकि परिसीमन के बाद नवगठित विधानसभा क्षेत्र में पहली बार 2012 में मतदान हुआ था, ऐसे में यह अनिवार्य रूप से कांग्रेस की सीट है, जिसने पहली बार इस पर जीत दर्ज की थी. जबकि, बीजेपी ने मौजूदा विधायक के अपने पाले में आने के बाद 2017 में इस सीट पर कब्जा किया था. उन्होंने दावा किया कि यहां तक कि जीतने वाले बीजेपी उम्मीदवार एक कांग्रेसी थे, जिन्होंने अपनी अपील पर जीत दर्ज की थी. लेकिन, हमारी पार्टी इस बार जीत हासिल करेगी.
कांग्रेस नेताओं को भी यह उम्मीद है कि मौजूदा विधायक को टिकट नहीं दिये जाने के कारण बीजेपी में स्थानीय स्तर पर पैदा हुए असंतोष का लाभ पार्टी को मिलेगा. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने कर्षण करमुर को उम्मीदवार बनाया है, जो बीजेपी छोड़कर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ‘आप’ में शामिल हुए हैं. बता दें कि गुजरात में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. पहले चरण का मतदान एक दिसंबर को और दूसरे चरण का पांच दिसंबर को होगा, जबकि मतगणना आठ दिसंबर को होगी.
बीजेपी, कांग्रेस और आप के चुनाव मैदान में उतरने से यह मुकाबला तिकोना नजर आ रहा है. हकुभा एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. उन्हें रीवाबा जडेजा की खातिर टिकट नहीं दिया गया है, लेकिन बीजेपी ने उन्हें जामनगर उत्तर सहित तीन विधानसभा क्षेत्रों का पार्टी प्रभारी बनाकर सांत्वना देने की कोशिश की है. दोनों मुख्य उम्मीदवार राजपूत समुदाय से आते हैं. इलाके में राजपूत और मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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