Ayodhya Ram Mandir: शीश पर मुकुट, कुंडल…रामलला ने धारण किए ये दिव्य आभूषण, जानें क्या है खासियत
**EDS: GRAB VIA PMINDIA WEBSITE** Ayodhya: Prime Minister Narendra Modi and Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat offer prayers before the idol of Ram Lalla during the ‘Pran Pratishtha’ rituals at the Ram Mandir, in Ayodhya, Monday, Jan. 22, 2024. (PTI Photo)(PTI01_22_2024_000142B)
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया में जानकारी दी है कि इन दिव्य आभूषणों का निर्माण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, श्रीरामचरिमानस तथा अन्य पुस्तकों के अध्ययन और शोध के बाद किया गया है.
500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार प्रभु श्रीराम अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोगों की मौजूदगी में रामलला के दिव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई. भगवान राम को दिव्य आभूषणों और वस्त्रों से सजाया गया है. आइये उन आभूषणों और वस्त्र के बारे में जानें.
दिव्य आभूषणों का निर्माण इस आधार पर किया गया
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया में जानकारी दी है कि इन दिव्य आभूषणों का निर्माण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, श्रीरामचरिमानस तथा अन्य पुस्तकों के अध्ययन और शोध के बाद किया गया है. इस शोध के बाद यतींद्र मिश्र ने आभूषणों को डिजाइन किया है और आभूषणोंं का निर्माण हरसहायमल श्यामलाल ज्वैलर्स लखनऊ ने किया है.
Gracing his grand abode, Prabhu Shri Ram Lalla radiates in divine ornaments and attire, a vision of spirituality and tradition.
The creation of these divine ornaments is based on extensive research and study following the descriptions of Shri Ram's scripturally appropriate… pic.twitter.com/acQ5nSew9F
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) January 22, 2024
भगवान राम ने पहनी है पीताम्बरी धोती
भगवान राम गर्भ गृह में पीले रंग की धोती तथा लाल रंग के अंगवस्त्रम में नजर आ रहे हैं. इन वस्त्रों पर सोने की जरी और तारों का काम है. भगवान के वस्त्र पर शंख, पद्म, चक्र और मयूर के डिजाइन बने हुए हैं. भगवान राम के वस्त्रों की डिजाइन और निर्माण का काम दिल्ली के ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने किया है.
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मुकुट – भगवान के मुकुट का निर्माण उत्तर भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया है. मुकुट सोने से बनाया गया है. इस स्वर्ण मुकुट में माणिक्य, पन्ना और हीरे जड़े हुए हैं. मुकुट के ठीक मध्य में भगवान सूर्य अंकित है.
कुंडल- भगवान के कुंडल का निर्माण बहुत ही खूबसूरती के साथ किया गया है और उसे मुकुट से मैच करता हुआ बनाया गया है. कुंडल में मयूर की आकृति बनी हैं . कुंडल भी स्वर्ण निर्मित है और इसमें हीरा, माणिक्य और पन्ना जड़ा है.
कण्ठ – भगवान के गले में अर्द्धचंद्राकर कण्ठा सुशोभित है. जिसके मध्य में सूर्य देव बने हैं. सोने से बने हुए इस कण्ठ हार में हीरा, माणिक्य और पन्ना जड़ा है.
कौस्तुभमणि – भगवान को कौस्तुभमणि धारण कराया गया है. इसमें एक बड़ा माणिक्य जड़ा है और यह हीरों से अलंकृत है. शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु और उनके अवतार हृदय में कौस्तुभमणि धारण करते हैं.
पदिक – भगवान को कण्ठ से नीचे तथा नाभिकमल से ऊपर पदिक हार पहनाया गया है, इस सज्जा का विशेष महत्व है. यह पदिक पांच लड़ियों वाला है और हीरा और पन्ना जड़ित है.
वैजयन्ती माला – भगवान को तीन हार पहनाया गया है जिसमें यह सबसे लंबा है. यह हार पूरी तरह सोने का बना है, जिसमें माणिक्य जड़ा है. इसे विजय के प्रतीक के रूप में पहनाया जाता है, इस हार में वैष्णव परम्परा के अनुसार सुदर्शन चक्र, पद्मपुष्प, शंस्व और मंगल-कलश दर्शाया गया है. इसमें पांच प्रकार के देवता को प्रिय पुष्पों का भी अलंकरण किया गया है, जो कमल, चम्पा, पारिजात, कुन्द और तुलसी हैं.
करधनी – भगवान को कमरधनी भी पहनाया गया है, जो रत्नजड़ित है. सोने से बना यह करधनी बहुत खूबसूरत है, इसे हीरे, माणिक्य, मोतियों और पन्ने से यह अलंकृत किया गया है. इसमें पांच घंटियां भी लगाई गई हैं, जो पवित्रता का सूचक हैं.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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