रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से बिलबिलाया कंगाल पाकिस्तान, फिर उगला जहर, मुसलमानों को भड़काने की कोशिश

Edited by Pritish Sahay
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**EDS: IMAGE VIA PMO** Ayodhya: Prime Minister Narendra Modi and Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat offer prayers before the idol of Ram Lalla during the 'Pran Pratishtha' rituals at the Ram Mandir, in Ayodhya, Monday, Jan. 22, 2024. (PTI Photo) (PTI01_22_2024_000277B)

कंगाल पाकिस्तान के पास खाने को अन्न नहीं है लेकिन भारत पर जहर उगलने से वो पीछे नहीं हट रहा है. अयोध्या राम मंदिर के भव्य आयोजन को देखकर उसकी आंखे फटी की फटी रह गई है. अब वो भारतीय मुसलमानों को भड़काने के लिए अनर्गल बयान दे रहा है.

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कंगाली के दरवाजे पर खड़ा पाकिस्तान अयोध्या में रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा से बिलबिला गया है. उसने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की निंदा की है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की ओर से बयान आया है, जिसके कहा गया है कि राम मंदिर अभिषेक समारोह भारत के बढ़ते बहुसंख्यकवाद का संकेत है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि चरमपंथियों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से बयान आया है कि दुर्भाग्य से भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका ने ढांचा गिराने वालों को बरी कर दिया, बल्कि उसके स्थान पर एक मंदिर के निर्माण की भी अनुमति दे दी.

प्राण प्रतिष्ठा से बिलबिलाया पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भारत में बढ़ते बढ़ते बहुसंख्यकवाद के संकेत हैं.  पाकिस्तान ने भारतीय मुसलमानों को भड़काने की कोशिश की है. उसने कहा है कि यह भारत की मुसलमानों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर भेजने की कवायत है. पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि यह भारत के लोकतंत्र पर एक धब्बा है. बता दें, आर्थिक रूप से पाकिस्तान कंगाली के दौर से गुजर रहा है. भारत के खिलाफ हमेशा वो आतंकी गितिविधियों में लगा रहता है. हाल के दिनों में ईरान ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तानी इलाके में बम बरसाये थे.

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन
गौरतलब है कि करीब 500 साल के लंबे इंतजार के बाद आज एक बार फिर रामलला अयोध्या में विराजमान हो गये. पीएम मोदी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने मंच से वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि अब रामलला टेंट में नहीं बल्कि अब वो नये भव्य मंदिर में रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि सदियों के इंतजार के बाद राम पधारे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. हजारों सालों बाद भी लोग इस दिन की चर्चा करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
गौरतलब है कि राम मंदिर विवाद में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था. कोर्ट ने कहा था कि ऐसे सबूत हैं जो विवादित स्थल पर एक हिंदू मंदिर के अस्तित्व को साबित करते हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण की अनुमति दे दी. साथ ही मस्जिद के निर्माण के लिए भी जमीन का एक हिस्सा मुस्लिम पक्षों को दिया गया. 

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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