राजेन्द्र नगर कोचिंग सेंटर में हादसे के थे कई कारण, मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में सामने आयी सबसे बड़ी खामी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 31 Jul 2024 12:16 PM

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Delhi Coaching Center Incident | PTI

Delhi Coaching Center Incident: दिल्ली के मुख्य सचिव ने राजेन्द्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में मंत्री आतिशी को सौंप दी है. जांच में हादसे के कई कारण सामने आये हैं. कोचिंग सेंटर की सबसे बड़ी खामी भी उजागर हुई है.

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Delhi Coaching Center Incident: दिल्ली के मुख्य सचिव ने मंत्री आतिशी को राजेन्द्र नगर के कोचिंग सेंटर में हुए हादसे पर मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट सौंप दी है. राजस्व मंत्री आतिशी ने सोमवार को मुख्य सचिव नरेश कुमार को एक पत्र लिखकर कोचिंग सेंटर में हुई घटना की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट मांगी थी. मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट कहा गया है कि भारी बारिश होने पर इस सड़क पर पानी का जमाव हो जाता है. इसके अलावा जो जमा पानी को नाले में जाना चाहिए था वो वह पार्किंग क्षेत्र की ओर बढ़ जाता है. इसके अलावा कोचिंग सेंटर की ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह से जाम था. वहीं बेसमेंट में जलजमाव की निकासी के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था भी नहीं थी.

जांच रिपोर्ट में क्या है
ओल्ड राजिंदर नगर हादसे में दिल्ली के मुख्य सचिव की ओर से पेश की गई जांच रिपोर्ट लिखा है कि इस कोचिंग संस्थान ने जल निकासी प्रणाली को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है और इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी नहीं किए हैं. संस्थान में पार्किंग सीधे सड़क को जाती है. वहीं भारी बारिश की स्थिति में पानी बरसाती नाले में जाने के बजाय सीधे इस पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश करता है. इसके अलावा कोचिंग के बेसमेंट में सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से कोई निगरानी नहीं थी. इसके कारण पानी निर्बाध रूप से पार्किंग क्षेत्र से होते हुए बेसमेंट में चला जाता है.

रिपोर्ट में लिखा है कि ऐसी ही स्थिति शनिवार को हो गई थी. जिसमें तीन छात्रों की जान चली गई. हालांकि घटना को लेकर उस क्षेत्र में नालियों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं कनिष्ठ अभियंता की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं.

बेसमेंट में नहीं था कोई बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम- छात्र
वहीं, कोचिंग सेंटर हादसा मामले में हर दिन कुछ न कुछ खुलासा हो रहा है. इसी कड़ी में नई बात सामने आयी है कि राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में ऑटो लॉक नहीं था. संस्थान के विद्यार्थियों ने मंगलवार को बताया कि कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में किसी तरह का कोई बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम नहीं था. हादसे के बाद यह बताया जा रहा था कि तीन अभ्यर्थी राव आईएएस स्टडी सर्किल की इमारत के बेसमेंट में फंस गए थे क्योंकि भारी बारिश के बाद पानी भर जाने के कारण वहां लगा बायोमेट्रिक लॉक खराब हो गया था.

उत्तर प्रदेश के एक छात्र जो राव आईएएस स्टडी सर्किल में ही पढ़ाई कर रहा है, उसने कहा कि इमारत के बेसमेंट में कोई बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम नहीं लगा था. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए छात्र ने बताया कि बेसमेंट में कोई बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम नहीं था. बेसमेंट का इस्तेमाल मुख्य रूप से परीक्षा अभ्यास करने और अध्ययन सामग्री रखने के लिए किया जाता था. छात्र ने बताया कि बेसमेंट में दो दरवाजे थे और शाम छह बजे के आसपास एक दरवाजा बंद कर दिया जाता था.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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