वेस्टर्न डिस्टरबेंस का डबल अटैक, अगले सप्ताह शुरू होगा कश्मीर में बारिश और बर्फबारी का दौर

Rain And Snowfall Alert: कश्मीर में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है. बारिश और बर्फबारी का दौर अगले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अनुमान जाहिर किया है कि कश्मीर में अगले सप्ताह दो-दो पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है. इसके कारण बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
Rain And Snowfall Alert: बीते कई दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी से जम्मू कश्मीर को बुधवार को थोड़ी राहत मिली है. कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) में सुधार हुआ है, जबकि घाटी के मैदानों में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम का दौर भी खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग ने अगले सप्ताह बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है.

दो पश्चिमी विक्षोभ की हो सकती है दस्तक
मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह जम्मू कश्मीर दो पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक हो सकती है. पहला विक्षोभ गुरुवार (22 जनवरी) को एक्टिव हो सकता है. जबकि दूसरे विक्षोभ की 26 जनवरी को एक्टिव होने की संभावना है. इन प्रणालियों के प्रभाव से घाटी के मैदानों सहित व्यापक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. जबकि कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी भी हो सकती है.

बारिश और बर्फबारी की संभावना
आईएमडी के अनुमान जाहिर किया है कि मौसम प्रणाली कश्मीर के मैदानों में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम को खत्म कर सकती है. मौसम विभाग ने श्रीनगर समेत मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई है. विभाग ने कहा कि बर्फबारी के कारण जमीन और हवाई यातायात बाधित हो सकती है.

कहां कितना दर्ज किया गया तापमान
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री का सुधार हुआ और यह शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. जबकि सोनमर्ग और शोपियां में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा. गुलमर्ग में शून्य से 5.0 डिग्री नीचे और पहलगाम में शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे, कोकेरनाग में शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.

कश्मीर में चिल्ला-ए-कलां जारी
कश्मीर घाटी इस समय चिल्ला-ए-कलां के दौर से गुजर रही है. यह कड़ाके की ठंड का 40 दिनों का समय होता है, जब रात का तापमान अक्सर शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है. पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ चिल्ला-ए-कलां 30 जनवरी को खत्म होगा.

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By प्रीतीश सहाय
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