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PM मोदी पर शायराना अंदाज में हमलावर हुए राहुल, पूछा- ...ये बता कि काफिला क्यूं लुटा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi
File Photo

नयी दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में चीन के साथ गतिरोध का उल्लेख नहीं होने की ओर इशारा करते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री पर शायरी के माध्यम से निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया, ‘तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यूं लुटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है.'

मोदी के संबोधन से पहले कांग्रेस नेता ने कहा था कि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि वह ‘भारतीय क्षेत्र में बैठे' चीन के सैनिकों के कब और कैसे बाहर निकालेंगे. साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से यह आग्रह भी किया था कि कोरोना संकट के कारण परेशानी का सामना कर रहे गरीबों, मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग को राहत देने के लिए ‘न्यूनतम आय गारंटी योजना' (न्याय) की तर्ज पर छह महीने के लिए कोई योजना आरंभ करें.

गांधी ने एक वीडियो संदेश में कहा था, ‘पूरा देश जानता है कि चीन ने भारत की पवित्र जमीन छीनी हुई है. हम सभी जानते हैं कि चीन लद्दाख में चार जगह बैठा हुआ है. नरेंद्र मोदी जी देश को बताइए कि आप चीन की फौज को कब और कैसे बाहर निकालेंगे?' गौरतलब है कि इन दिनों लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है. गत 15-16 जून की रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गये थे. चीनी पक्ष को भी नुकसान होने की रिपोर्ट है.

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में मंगलवार को ऐलान किया कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' का विस्तार नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया गया है. इससे 80 करोड़ लोगों को और पांच महीनों तक मुफ्त राशन मिलेगा. उन्होंने कहा कि सारी एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जायेगा तथा हिन्दुस्तान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिया जायेगा.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री ने सारी उम्मीदों को धाराशायी कर दिया कि क्योंकि उन्होंने चीन के साथ गतिरोध तथा गरीबों की आर्थिक मदद करने के संदर्भ में कुछ नहीं कहा. पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री का संबोधन कहीं न कहीं बिहार विधानसभा चुनाव की ओर केंद्रित नजर आया.

उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री के संबोधन से उम्मीदों का पहाड़ खड़ा किया गया था, लेकिन उन्होंने सारी उम्मीदों को धाराशायी कर दिया. सिर्फ सुर्खियां बटोरेने का प्रयास किया.' सुप्रिया ने कहा, ‘हमारी उम्मीद थी कि वह कोरोना संकट के निपटने के संदर्भ में बड़ा कदम उठायेंगे, बेरोजगार हुए लोगों को राहत देने का कदम उठायेंगे. हमें उम्मीद थी कि वह मजदूरों के लिए निर्णायक कदम उठायेंगे. हमें उम्मीद थी कि गरीब परिवारों को 7500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा करेंगे.'

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