राघव चड्ढा क्या बनाएंगे Gen-Z की नई पार्टी? AAP से तनातनी के बीच आगे क्या है प्लान

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Apr 2026 5:11 PM

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राघव चड्ढा (File Photo)

Gen-Z Party : राघव चड्ढा ने साफ तौर पर हां या ना नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर बोले कि अपनी पार्टी बनाने का आइडिया उन्हें दिलचस्प लगता है और इस पर सोचा जा सकता है. वीडियो में देखें उन्हें क्या सलाह दी गई.

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Gen-Z Party : आम आदमी पार्टी से चल रही तनातनी के बीच अब राघव चड्ढा के आगे के कदम को लेकर खूब चर्चा हो रही है. राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से अचानक हटाए जाने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि वह अपनी नई पार्टी बना सकते हैं. वे अलग राह चुन सकते हैं. राघव चड्ढा के एक इंस्टाग्राम रील शेयर करने के बाद चर्चा और तेज हो गई. इससे लोगों को लगा कि वह अब “Gen-Z” पार्टी बनाने की तैयारी कर सकते हैं.

इंस्टाग्राम यूजर ‘seedhathok’ ने रील में कहा कि राघव चड्ढा को अभी मिल रहे सपोर्ट को देखते हुए उन्हें अपनी नई पार्टी बनाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. यूजर ने कहा कि अभी माहौल ऐसा है कि लोग चाहते हैं राघव चड्ढा अपनी “Gen-Z” या किसी और नाम से नई पार्टी बनाएं. अगर वो किसी दूसरी पार्टी में गए तो शायद इतना सपोर्ट न मिले, बल्कि विरोध भी झेलना पड़े. इसलिए अपनी पार्टी बनाना बेहतर रहेगा, इससे उन्हें युवाओं का साथ मिलेगा और वो एकतरफा जीत भी हासिल कर सकते हैं.

राघव चड्ढा का बीजेपी पर नरम रुख

AAP से तनातनी और पार्टी की तरफ से ये आरोप लगने के बाद कि राघव चड्ढा बीजेपी पर नरम रुख अपना रहे हैं, अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. आप और राघव चड्ढा के बीच एक बड़ा विवाद यह भी रहा कि उन पर आरोप लगा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था.

यह भी पढ़ें : AAP में अंदरूनी कलह तेज, राघव चड्ढा बोले- ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है

AAP के नेताओं सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने भी इस कदम पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि राघव चड्ढा पीएम मोदी और बीजेपी से सवाल पूछने से डर रहे हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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