राघव चड्ढा के खिलाफ ‘डिजिटल साजिश’ पर कोर्ट सख्त, सोशल मीडिया से अपमानजनक कंटेंट हटाने का आदेश
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, फोटो एक्स
Raghav Chadha: दिल्ली हाई कोर्ट ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राहत दी है. कोर्ट ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे भ्रामक और अपमानजनक कंटेंट को तुरंत हटाने का अंतरिम आदेश जारी किया है.
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कोर्ट में याचिका दायर कर उन सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने की मांग की थी, जिनमें झूठे तरीके से यह दिखाया जा रहा था कि उन्होंने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदल ली है.
कोर्ट ने माना चड्ढा की छवि को नुकसान पहुंचाने की हो रही थी कोशिश
‘राघव चड्ढा बनाम अशोक कुमार जॉन डो व अन्य’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सांसद की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कई प्रोफेशनल और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा था. यह पूरा खेल कथित तौर पर पैसे देकर एक सुनियोजित साजिश के तहत रचा गया था.
In Raghav Chadha v Ashok Kumar John Doe and others, Counsels representing BJP Rajya Sabha MP Raghav Chadha say, "The order passed today by the Hon’ble Single Judge of the Delhi High Court is a welcome step as it directed takedown of defamatory content against Mr Chadha thereby… https://t.co/B1u0wGYNmu
— ANI (@ANI) July 1, 2026
राघव चड्ढा की ओर से कोर्ट में पेश किए गए पुख्ता सबूत
सुनवाई के दौरान राघव चड्ढा के पक्ष की ओर से कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए गए. इन सबूतों से साफ हुआ कि कई सोशल मीडिया अकाउंट्स और पेड इन्फ्लुएंसर्स ने कुछ ही मिनटों के भीतर एक जैसा अपमानजनक कंटेंट ताबड़तोड़ शेयर किया.
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर पैसे देकर चरित्र हनन मंजूर नहीं : राघव चड्ढा के वकील
मामले में राघव चड्ढा की ओर से पेश कानूनी टीम ने हाई कोर्ट के सिंगल जज के इस फैसले को बेहद स्वागत योग्य और ऐतिहासिक बताया है. वकीलों का कहना है, यह आदेश इस बात को पूरी मजबूती से पुख्ता करता है कि संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल किसी के खिलाफ पैसे देकर सुनियोजित मानहानि और चरित्र हनन का अभियान चलाने के लिए नहीं किया जा सकता. यह फैसला सार्वजनिक जीवन की गरिमा और ऑनलाइन मानहानि के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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