Radhika Khera ने कांग्रेस पर 'फोड़ा बम', न्याय यात्रा के दौरान कमरे में बंद करने और शराब पिलाने का लगाया आरोप

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 06 May 2024 3:24 PM

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Radhika Khera

Radhika Khera: छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूर्व नेता राधिका खेड़ा ने इस्तीफा देने के एक दिन बाद अपनी एक्स हो चुकी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने पार्टी नेताओं पर उन्हें कमरे में बंद करने और शराब पिलाने का आरोप लगाया है.

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Radhika Khera: राधिका खेड़ा ने रविवार को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करने को लेकर उनकी आलोचना इस स्तर तक पहुंच गयी कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में उनके साथ हुई घटना में उन्हें न्याय देने से इनकार कर दिया गया.

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कमरे में कर दिया गया था बंद : खेड़ा

राधिका खेड़ा ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ आये थे, तब पार्टी के मीडिया अध्यक्ष ने उन्हें शराब की पेशकेश की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के 5 से 6 नेता नशे की हालत में उनका दरवाजा खटखटाते थे. उन्होंने कहा, मैंने सचिन पायलट और जयराम रमेश को इस बारे बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. बाद में मुझे बताया गया कि मैं पार्टी की हिंदू विरोधी विचारधारा का समर्थन नहीं करती हूं, इसलिए उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया.

खेड़ा ने छत्तीसगढ़ के मीडिया चेयरमैन पर दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

राधिका खेड़ा ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि सुशील आनंद शुक्खा ने उनसे बदतमीजी की और गाली भी दी. मैंने फोन पर रिकॉर्डिंग करने की धमकी दी, तो कमरे में पहले से मौजूद दो और लोगों ने दरवाजा बंद कर दिया. उस दौरान उन्हें गालियां दी गईं. मैं चिल्लाती रही, लेकिन उसकी एक न सुनी गई, बाद में उन्हें दरवाजा को धक्का दिया और प्रदेश महासचिव के कमरे में चली गई. उनके पास शिकायत की, लेकिन वो अपनी सीट से उठे तक नहीं और न ही उन्होंने पूछा कि उनके साथ क्या हुआ.

भूपेश बघेल ने मुझे छत्तीसगढ़ छोड़ने की सलाह दी

राधिका खेड़ा ने बताया, उनके साथ जो दुर्व्यवहार हुई थी, उसके बारे में उन्होंने फोन पर जयराम रमेश और सचिन पायलट से बात करने की कोशिश की, तो उन्हें बात नहीं कराया गया. पायलट के पीए ने कह दिया कि वो व्यस्त हैं. जब भूपेश बघेल के पास इसकी शिकायत की, तो उन्होंने छत्तीसगढ़ छोड़ने की सलाह दे डाली. खेड़ा ने यह भी दावा किया कि पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं को कई बार सूचित करने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला.

राम मंदिर जाने पर मुझे प्रताड़ित किया गया

राधिका खेड़ा ने यह भी कहा कि धर्म का समर्थन करने वालों को हमेशा विरोध का सामना करना पड़ा है और इसी के साथ ही उन्होंने हिरण्यकश्यप, रावण और कंस का उदाहरण देते हुए कहा कि इनकी तरह ही कुछ लोग भगवान श्री राम का नाम लेने वालों का विरोध करते हैं. खेड़ा ने कहा, हर हिंदू के लिए प्रभु श्री राम की जन्मस्थली बहुत मायने रखती है. रामलला के दर्शन मात्र से जहां हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं. मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा दिए, जहां एनएसयूआई से लेकर एआईसीसी के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया, आज वहां ऐसे ही तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ा है, क्योंकि अयोध्या में राम लला के दर्शन से खुद को रोक नहीं पाई. उन्होंने कहा, मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर तक पहुंच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझे न्याय देने से इंकार कर दिया गया.

पवन खेड़ा और सुशील आनंद शुक्ला के बीच हुई थी बहस

पार्टी सूत्रों ने बताया कि 30 अप्रैल को रायपुर में पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के दौरे को लेकर खेड़ा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रकेष्ठ के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के बीच बहस हुई थी. बाद में खेड़ा का एक वीडियो भी सार्वजनिक हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके साथ अभद्र बर्ताव किया गया.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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