Punjab News: शहीद भगत सिंह के पुश्तैनी घर का बिजली कनेक्शन कटा, जानें क्या है सच

शहीद भगत सिंह नगर जिला प्रशासन ने मीडिया के एक धड़े में आई उन खबरों का खंडन किया कि खटकड़कलां में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पुश्तैनी घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई बिल लंबित नहीं था.
स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव को लेकर मीडिया में दावा किया गया था कि वहां बिजली कनेक्शन काट दिया गया है. लेकिन अब इसपर बड़ा खुलासा हुआ है. प्रशासन से मीडिया में चल रही खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है और सच्चाई बता दी है. आइये जानते हैं प्रशासन ने बिजली कनेक्शन के बारे में क्या बयान दिया.
प्रशासन ने भगत सिंह के पुश्तैनी घर का बिजली कनेक्शन काटे जाने की खबर का किया खंडन
शहीद भगत सिंह नगर जिला प्रशासन ने मीडिया के एक धड़े में आई उन खबरों का खंडन किया कि खटकड़कलां में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पुश्तैनी घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई बिल लंबित नहीं था. उपायुक्त नवजोत पाल सिंह रंधावा ने कहा, असल में, पावरकॉम के पास 6760 रुपये का अग्रिम बिल भुगतान है.
प्रशासन ने पुश्तैनी घर के नाम का इस्तेमाल न करने की अपील की
शहीद भगत सिंह नगर जिले में खटकड़कलां स्वतंत्रता सेनानी का पैतृक गांव है. जिले का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा गया था. उपायुक्त ने मीडिया के एक धड़े से स्वतंत्रता सेनानी के पुश्तैनी घर के नाम का इस्तेमाल न करने की अपील की, क्योंकि ऐतिहासिक जगह से लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं.
बिजली मंत्री ने कहा, भगत सिंह के पैतृक घर का कनेक्शन कभी नहीं काटा गया
इससे पूर्व, बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने भी स्पष्ट किया कि खटकड़कलां में शहीद भगत सिंह के पैतृक घर या संग्रहालय का बिजली कनेक्शन कभी नहीं काटा गया। बयान में कहा गया कि भगत सिंह के पुश्तैनी घर का सांस्कृतिक मामलों के विभाग के नाम पर अलग से बिजली कनेक्शन है.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
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करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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