पुणे मर्डर : रास्ते में रुकी कैब, डिक्की खुली और बढ़ गया सस्पेंस; ड्राइवर ने बताई पूरी कहानी

Updated:
विज्ञापन
सिया और केतन की तस्वीर (Photo: X)

कैब ड्राइवर के मुताबिक, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सिया गोयल ने अचानक गाड़ी रुकवाई और डिक्की खोलने को कहा. इसके बाद उन्होंने अपने पर्स से कोई सामान निकाला. जानें कैब ड्राइवर ने क्या बताया.

विज्ञापन

कैब ड्राइवर का दावा है कि जब वह केतन अग्रवाल और हत्या की आरोपी सिया गोयल को मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने जा रहा था, तब मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सिया ने गाड़ी रुकवाई. इसके बाद उन्होंने डिक्की खुलवाई और अपने पर्स से कुछ निकालकर उसमें रखा या बाहर निकाला. बाद में एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन का पासपोर्ट गायब होने की बात सामने आई. ड्राइवर के दावे से इस मामले का रहस्य और गहरा गया है.

यह दावा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि जांच में जुटे अधिकारी केतन के पासपोर्ट के गायब होने की गुत्थी सुलझाने में जुटी हैं. केतन और सिया की बाली में प्री-वेडिंग शूट की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पासपोर्ट गायब हो गया. जांच में अब तक मिले संकेत बताते हैं कि पासपोर्ट गलती से नहीं खोया, बल्कि उसे जानबूझकर गायब किया गया था.

कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने क्या बताया?

कैब ड्राइवर वैभव जाधव के संबंध में इंडिया टुडे ने खबर प्रकाशित की है. ड्राइवर ने इस पूरे सफर से जुड़ी अहम जानकारी शेयर की. जाधव ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में क्या-क्या हुआ और सिया गोयल की गतिविधियां कैसी थीं, जिससे जांच को नए सुराग मिल सकते हैं. वैभव जाधव ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 10 बजे पुणे से यात्रियों को पिक किया था. उनके मुताबिक, सिया गोयल शुरुआत में कैब में बैठने को तैयार नहीं थीं, लेकिन उनके भाई साहिल ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया. इसके बाद कैब रवेट पहुंची, जहां केतन अग्रवाल भी सफर में शामिल हुए.

यह भी पढ़ें : सिया को लेकर क्राइम सीन पर पहुंची पुलिस, केतन की डमी के साथ दोहराया गया वारदात का घटनाक्रम

ड्राइवर वैभव जाधव के अनुसार, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सिया गोयल ने चाय पीने के लिए एक फूड मॉल के पास गाड़ी रुकवाने को कहा. करीब 10 मिनट बाद वह वापस लौटीं और कैब में बैठने से पहले ड्राइवर से डिक्की खोलने को कहा. ड्राइवर का दावा है कि इसके बाद सिया ने डिक्की के पास जाकर अपने पर्स से कोई सामान निकाला. करीब 15 से 20 मिनट बाद यात्रियों ने उसे वापस गाड़ी के पास बुलाया, जिसके बाद सभी मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए.

मुंबई एयरपोर्ट पर सबको उतारने के बाद ड्राइवर को आया कॉल

वैभव जाधव ने बताया कि उन्होंने सभी यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट पर उतार दिया था. करीब दो मिनट बाद उन्हें फोन आया कि कैब में एक छोटा बैग छूट गया है. उस समय वह एयरपोर्ट से लगभग 200 मीटर दूर पहुंच चुके थे. इसके बाद वह वापस लौटे और बैग यात्रियों को सौंप दिया. ड्राइवर वैभव जाधव के मुताबिक, करीब 500 मीटर आगे बढ़ने के बाद उन्हें फिर फोन आया. इस बार बताया गया कि केतन का पासपोर्ट कैब में गिर गया है. जाधव ने कहा कि वह पहले ही गाड़ी की जांच कर चुके थे और पासपोर्ट नहीं मिला था. उनका दावा है कि इसके बाद यात्रियों ने उन्हें वीडियो कॉल कर कैब का अंदरूनी हिस्सा दिखाने को कहा, लेकिन तब भी पासपोर्ट का कोई पता नहीं चला.

कैब में नहीं मिला पासपोर्ट

वैभव जाधव के अनुसार, इसके बाद उन्हें दोबारा एयरपोर्ट लौटने के लिए कहा गया. वहां साहिल और केतन ने खुद कैब की तलाशी ली. ड्राइवर का दावा है कि गाड़ी की पूरी तरह जांच करने के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला. काफी देर तक खोजबीन चलने के बाद भी जब पासपोर्ट का कोई सुराग नहीं मिला, तो वे वहां से चले गए. वैभव का दावा है कि पुणे से रवेट तक के सफर के दौरान सिया गोयल और उनके भाई साहिल के बीच लगातार बहस होती रही. रवेट पहुंचने के बाद केतन अग्रवाल भी कैब में सवार हुए.

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola