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कांग्रेस अध्‍यक्ष बनेंगी प्रियंका गांधी ? आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोनिया गांधी के सामने कह दी ये बात

कांग्रेस नेता और धर्म गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि दो साल से पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष और सांसद राहुल गांधी को मनाने का प्रयास जारी है. लेकिन वह अध्यक्ष बनने के लिए तैयार नहीं है, तो पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को अध्यक्ष का पद दे दिया जाना चाहिए.

By Prabhat khabar Digital
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 प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी
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Congress Chintan Shivar : कांग्रेस का नव संकल्प शिविर जारी है जिससे कई तरह की खबरें सामने आ रहीं है. कांग्रेस को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए आयोजित इस चिंतन शिविर में सबकी नजर अध्‍यक्ष पद पर टिकी हुई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिविर में नेतृत्व मुद्दा छाया रहा. इस दौरान कई नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को भी अध्यक्ष बनाने की मांग करते नजर आये. खबरों की मानें तो राजनीतिक मामलों की समिति में चर्चा के दौरान पार्टी नेता और धर्म गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने विचार रखे और मुखरता से प्रियंका गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग कर दी. बताया जा रहा है कि प्रमोद कृष्णम ने जिस समय यह मांग की, उस वक्त कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी मौजूद थीं.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने क्‍या कहा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस नेता और धर्म गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि दो साल से पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष और सांसद राहुल गांधी को मनाने का प्रयास जारी है. लेकिन वह अध्यक्ष बनने के लिए तैयार नहीं है, तो पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को अध्यक्ष का पद दे दिया जाना चाहिए. जब वे अपनी बात रख रहे थे तो समिति के संयोजक मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात कहकर मौन हो गये. खबरों की मानें तो कई अन्य नेताओं ने भी प्रियंका गांधी की कांग्रेस में भूमिका बढ़ाने की मांग की है.

मिलेगा एससी-एसटी व ओबीसी को 50% प्रतिनिधित्व

इधर कांग्रेस ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के फॉर्मूले की तरफ कदम बढ़ा रही है और संगठन में सभी स्तरों पर एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दे सकती है. कांग्रेस के ‘नव संकल्प चिंतन शिविर’ के माध्यम से पार्टी ने महिला आरक्षण के संदर्भ में ‘कोटा के भीतर कोटा’ के मामले पर अपने रुख में बदलाव करने के संकेत दिये हैं. उसका कहना है कि वह संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के साथ ही इसमें एससी-एसटी, ओबीसी समुदायों की महिलाओं को अलग आरक्षण देने के पक्ष में है. पार्टी निजी क्षेत्र में आरक्षण और जातिगत जनगणना के पक्ष में भी खुल कर रुख अपना सकती है.

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